हांगकांग के पूर्व मीडिया दिग्गज जिम्मी लाई को राष्ट्रीय सुरक्षा मामले में 20 साल की सजा

बीजिंग, 09 फरवरी। हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक मीडिया दिग्गज और ‘एपल डेली’ के संस्थापक जिमी लाई को 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के उच्च न्यायालय द्वारा दी गई यह सजा, इस अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अब तक की सबसे सख्त सजा है। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने उन्हें ‘हांगकांग में चीन विरोधी दंगों का उकसाने वाला’ करार दिया है। बता दें कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के जिमी लाई को दिसंबर में विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत करने और राजद्रोही सामग्री प्रकाशित करने की साजिश रचने का दोषी पाया गया था।
जिमी लाई पर क्या हैं आरोप?
अदालत के अनुसार, जिमी लाई और उनकी कंपनी ‘एपल डेली’ से जुड़ी संस्थाओं पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कंटेंट छापने का आरोप है। इस मामले में न केवल जिमी लाई, बल्कि एपल डेली लिमिटेड, एपल डेली प्रिंटिंग लिमिटेड और एपल डेली इंटरनेट लिमिटेड को भी प्रतिवादी बनाया गया था। गौरतलब है कि एपल डेली हांगकांग का एक लोकप्रिय लोकतंत्र समर्थक अखबार था, जिसे 2021 में सरकारी दबाव और बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के बाद बंद करना पड़ा था।
परिवार ने बताया ‘क्रूर और जानलेवा’ फैसला
जिमी लाई के परिवार ने इस सजा को अत्यंत ‘क्रूर’ और ‘दमनकारी’ बताया है। उनके बेटे सेबेस्टियन ने एक इमोशनल बयान में कहा कि उनके पिता को दी गई यह सजा परिवार के लिए विनाशकारी है और उनकी उम्र व गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए यह उनके जीवन के लिए बड़ा खतरा है। वहीं, उनकी बेटी क्लेयर ने कहा कि अगर यह सजा पूरी की जाती है, तो उनके पिता जेल की सलाखों के पीछे ही दम तोड़ देंगे। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों और पश्चिमी देशों ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे हांगकांग में प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के ताबूत में आखिरी कील बताया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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