पक्षियों को दाना खिलाना पड़ा महंगा, बुजुर्ग महिला पर लगा 2.27 लाख का जुर्माना

मुंबई, 11 फरवरी । सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी खबर तेजी से सुर्खियां बटोर रही है, जिसने पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम और देश के कड़े कानूनों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। मामला सिंगापुर का है, जहां एक 71 साल की बुजुर्ग महिला को बार-बार जंगली पक्षियों, विशेषकर कबूतरों को दाना खिलाने के कारण भारी-भरकम आर्थिक दंड भुगतना पड़ा है। यह खबर जैसे ही सार्वजनिक हुई, इंटरनेट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आने लगीं। जहां कुछ लोग इसे कानून की अति मान रहे हैं, वहीं कई लोग सार्वजनिक स्वच्छता और नियमों के पालन के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं।
पूरा मामला सिंगापुर की निवासी सन्मुगमनाथन शमला से जुड़ा है।
अदालत ने उन पर 3,200 सिंगापुर डॉलर, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 2 लाख 27 हजार रुपये होते हैं, का जुर्माना लगाया है। महिला पर यह कार्रवाई वाइल्डलाइफ एक्ट के उल्लंघन के तहत की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने अदालत में अपने ऊपर लगे चार आरोपों को स्वीकार कर लिया, जबकि इसी तरह की पांच अन्य घटनाओं को भी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान संज्ञान में लिया गया। प्रशासन का तर्क है कि जंगली पक्षियों को इस तरह दाना खिलाने से न केवल इलाके में गंदगी फैलती है, बल्कि इससे पारिस्थितिक संतुलन भी बिगड़ता है और पक्षियों की आबादी अनियंत्रित रूप से बढ़ सकती है। हैरानी की बात यह है कि यह महिला के खिलाफ की गई पहली कार्रवाई नहीं थी। इससे पहले मई 2025 में भी उन्हें इसी कृत्य के लिए 1,200 सिंगापुर डॉलर का जुर्माना भरना पड़ा था। उस दौरान महिला ने अदालत में भविष्य में ऐसा न करने का लिखित वादा भी किया था। लेकिन सरकारी रिकॉर्ड और सबूतों के अनुसार, उन्होंने अपने वादे को दरकिनार करते हुए महज एक महीने के भीतर फिर से पक्षियों को दाना खिलाना शुरू कर दिया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य पेश किए, जिनसे यह साबित हुआ कि जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच उन्होंने कम से कम नौ बार अपने टोआ पायोह स्थित फ्लैट के पास कबूतरों को अनाज और ब्रेड खिलाया। मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब अदालत को जानकारी दी गई कि महिला ने इस विषय में अपने क्षेत्रीय सांसद से भी मुलाकात की थी और अपने किए पर पछतावा जताया था। हालांकि, हैरानी की बात यह रही कि सांसद से मिलने के मात्र तीन दिन बाद ही वह दोबारा पक्षियों को खाना खिलाते हुए पकड़ी गईं। अभियोजक ने अदालत में दलील दी कि बार-बार चेतावनी और पिछले जुर्माने के बावजूद महिला के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया, जो कानून के प्रति उनकी लापरवाही को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर इस खबर ने यूजर्स को दो गुटों में बांट दिया है। सहानुभूति रखने वाले लोगों का कहना है कि एक बुजुर्ग महिला पर इतनी बड़ी राशि का जुर्माना लगाना क्रूरता है, वहीं सख्त नियमों के समर्थकों का तर्क है कि यदि बार-बार समझाने के बाद भी कोई नागरिक जानबूझकर नियम तोड़ता है, तो भारी जुर्माना ही एकमात्र विकल्प बचता है। कुछ यूजर्स ने तो महिला के इस अड़ियल रवैये पर नाराजगी भी जाहिर की है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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