सूडान के कोरडोफान में जारी हैं ड्रोन हमले : संयुक्त राष्ट्र

सूडान के संघर्षग्रस्त कोरडोफान क्षेत्र में नागरिकों पर घातक ड्रोन हमले लगातार जारी हैं, जिससे आम लोगों की जान जा रही है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने सोमवार को कहा कि दक्षिणी शहरों में लंबी घेराबंदी खत्म होने के बावजूद हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
करीब तीन साल से जारी सूडान के गृहसंघर्ष में ग्रेटर कोरडोफान नया प्रमुख मोर्चा बनकर उभरा है। इस संघर्ष के कारण लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है। सूडानी सेना का कहना है कि उसने जनवरी के अंत में अल-दलांज और फरवरी की शुरुआत में कादुगली शहरों से अर्धसैनिक बल आरएसएफ (रैपिड सपोर्ट फोर्सेज) की घेराबंदी खत्म कर दी। इन शहरों में रहने वाले लोग लंबे समय से खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति की कमी झेल रहे थे।
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक दोनों पक्षों की ओर से ड्रोन हमले जारी हैं। वोल्कर तुर्क ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में बताया कि जनवरी के अंत से 06 फरवरी के बीच ड्रोन हमलों में 90 से अधिक नागरिकों की मौत और 140 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पिछले सप्ताह दक्षिण कोरडोफान में स्वास्थ्य सुविधाओं पर हुए तीन हमलों में 31 लोगों की जान गई। वहीं संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि 06 फरवरी को उत्तर कोरडोफान के अल-ओबेद शहर के बाहर विस्थापित लोगों के लिए भोजन ले जा रहे ट्रकों पर भी हमला किया गया।
हालांकि आरएसएफ ने इन हमलों में अपनी भूमिका से इनकार किया है। उसने नागरिकों को ले जा रही बस पर हमले के आरोपों को भी खारिज किया है।
संघर्ष में ड्रोन एक अहम हथियार बन चुके हैं। इनकी मदद से आरएसएफ ने शुरुआती दौर में सेना की हवाई बढ़त को चुनौती दी। लेकिन ड्रोन के इस्तेमाल से बड़े पैमाने पर नागरिक हताहत हुए हैं। कई रिपोर्टों में चिकित्सा कर्मियों और अस्पतालों को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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