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हम युद्ध नहीं चाहते…लेकिन, ईरान पर फिर आगबबूला हुए डोनाल्ड ट्रंप, परमाणु समझौते पर दिया बड़ा बयान

हम युद्ध नहीं चाहते…लेकिन, ईरान पर फिर आगबबूला हुए डोनाल्ड ट्रंप, परमाणु समझौते पर दिया बड़ा बयान

वॉशिंग्टन, 14 फरवरी । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका समझौता चाहता है, लेकिन यदि ईरान ने सकारात्मक रुख नहीं दिखाया तो उसके लिए हालात बेहद दर्दनाक हो सकते हैं। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि वह टकराव नहीं चाहते, मगर बिना डील के परिस्थितियां पूरी तरह बदल सकती हैं।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना हुआ है और पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य किसी तरह का युद्ध नहीं, बल्कि स्थायी समाधान है। उन्होंने दोहराया कि समझौता ही सबसे बेहतर रास्ता है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि बातचीत नाकाम रहती है तो अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। इस बयान को ईरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

नेतन्याहू के साथ हुई लंबी बैठक

इस बीच, ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई अपनी हालिया बैठक को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान की गतिविधियों और पश्चिम एशिया की बदलती परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा हुई। ट्रंप के अनुसार, यह बैठक उपयोगी रही और दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी।

अप्रैल में चीन जाएंगे ट्रंप

दूसरी ओर, ट्रंप ने चीन के साथ संबंधों को लेकर भी आशावादी रुख दिखाया। उन्होंने घोषणा की कि वह अप्रैल में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने जाएंगे। साथ ही, शी जिनपिंग भी इस वर्ष के अंत तक अमेरिका की यात्रा करेंगे। ट्रंप ने कहा कि फिलहाल अमेरिका और चीन के रिश्ते अच्छे हैं और दोनों देश व्यापार, तकनीक और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगातार बातचीत कर रहे हैं।

ट्रंप के हालिया बयानों से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका एक संतुलित कूटनीतिक रणनीति अपना रहा है जहां एक ओर ईरान पर दबाव बनाए रखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर चीन के साथ सहयोग और संवाद को आगे बढ़ाया जा रहा है। सख्त चेतावनी और खुली बातचीत, दोनों रास्तों को साथ लेकर चलने की कोशिश की जा रही है।

सियासी मियार की रीपोर्ट