सोशल मीडिया पर प्रसारित फर्जी संदेश को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय की शिकायत के बाद मामला दर्ज

कर्नाटक में सोशल मीडिया पर प्रसारित उस फर्जी संदेश के सिलसिले में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की शिकायत के बाद पुलिस ने शुक्रवार को एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, जिसमें मांड्या में एक जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी को मैसूरु में आबकारी उपायुक्त के रूप में तैनात किए जाने का झूठा दावा किया गया था।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिकायत में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दावा किया है कि यह कृत्य मुख्यमंत्री और राज्य सरकार को बदनाम करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत के आधार पर विधान सौध पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336(3) (जालसाजी) और 340(2) (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख तैयार करना और उनका वास्तविक रूप में इस्तेमाल करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सिद्धरमैया ने बाद में ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “यह एक निंदनीय और बेहद गंभीर अपराध है कि कुछ शरारती तत्वों ने मेरे कार्यालय से फर्जी नोट बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यालय के अधिकारियों ने शिकायत दर्ज करा दी है और पुलिस दोषियों को ढूंढ़कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया यूजर्स को ऐसी फर्जी खबरों पर विश्वास करने और उन्हें साझा करने से पहले सावधान रहना चाहिए। मौजूदा समय में फोटोशॉप/एआई युग में व्हाट्सऐप की जानकारी को उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना साझा करना भी एक अपराध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम सकारात्मक आलोचना के लिए तैयार हैं लेकिन झूठी खबरों के प्रसार को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
सियासी मियार की रीपोर्ट
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