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मारुति की ‘रेल साइडिंग’ को वेरा की पहल के तहत विश्व की पहली ‘मॉडल शिफ्ट’ परियोजना के रूप में मान्यता

मारुति की ‘रेल साइडिंग’ को वेरा की पहल के तहत विश्व की पहली ‘मॉडल शिफ्ट’ परियोजना के रूप में मान्यता

नई दिल्ली, 26 फरवरी। देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि उसकी गुजरात ‘इन-प्लांट रेलवे साइडिंग’ को ‘वेरा’ की वेरिफाइड कार्बन स्टैंडर्ड (वीसीएस) पहल के तहत दुनिया की पहली ‘मोडल शिफ्ट’ परिवहन परियोजना के रूप में मान्यता मिली है।

‘मोडल शिफ्ट’ से तात्पर्य वाहनों की आपूर्ति के लिए एक परिवहन माध्यम से दूसरे परिवहन पर स्थानांतरित करना है। वाहन विनिर्माता कंपनी ने गुजरात इकाई के अंदर रेल पटरी सुविधा (इन-प्लांट रेलवे साइडिंग) के जरिये वाहनों की आपूर्ति शुरू की है।

कंपनी के अनुसार, सड़क मार्ग से रेल मार्ग की ओर वाहन आपूर्ति (डिस्पैच) स्थानांतरित करने से इस परियोजना के वित्त वर्ष 2023-24 से 2032-33 तक 10 वर्ष की अवधि में करीब 1.7 लाख कार्बन ‘क्रेडिट’ अर्जित करने की उम्मीद है।

कार्बन उत्सर्जन में बचत के स्वतंत्र सत्यापन के बाद ‘वेरा’ अपने वेरिफाइड कार्बन स्टैंडर्ड (वीसीएस) कार्यक्रम के तहत कंपनी को 1.7 लाख ‘कार्बन क्रेडिट’ जारी करेगा।

‘वेरा’ एक वैश्विक गैर-लाभकारी संगठन है जो जलवायु कार्रवाई और सतत विकास के लिए मानक विकसित एवं प्रबंधित करता है। यह ‘वेरिफाइड कार्बन स्टैंडर्ड’ (वीसीएस) कार्यक्रम का संचालन करता है जो दुनिया का अग्रणी स्वैच्छिक ‘ग्रीनहाउस गैस क्रेडिटिंग’ कार्यक्रम है। वहीं उच्च-विश्वसनीयता वाले ‘कार्बन क्रेडिट’ सुनिश्चित करने के साथ-साथ सरकारों और व्यवसायों को विश्वसनीय जलवायु कार्रवाई में सहायता करता है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने बयान में कहा, ‘‘वाहनों की आपूर्ति सड़क से रेल की ओर स्थानांतरित किए जाने से परियोजना दर्शाती है कि कैसे व्यापक परिचालन दक्षता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।’’

उन्होंने कहा कि रेल परिवहन की अंतर्निहित दक्षता का लाभ उठाते हुए गुजरात की ‘इन-प्लांट रेलवे साइडिंग’ ने लॉजिस्टिक्स परिचालन के कार्बन उत्सर्जन को उल्लेखनीय रूप से कम किया है। साथ ही सड़क जाम भी कम लगता है और जीवाश्म ईंधन की कुल खपत में भी गिरावट आर्द है।

ताकेउची ने कहा, ‘‘यह उपलब्धि हमारी स्थिरता यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है और शुद्ध शून्य उत्सर्जन की दिशा में भारत के मजबूत प्रयासों के अनुरूप उद्योग मानक स्थापित करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।’’

मारुति सुजुकी ने मार्च 2023 में संचालन शुरू होने के बाद से गुजरात ‘रेलवे साइडिंग’ से छह लाख से अधिक वाहनों की आपूर्ति की है।

सियासी मियार की रीपोर्ट