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ईरान में फिर डोली धरती, बंदर अब्बास में भूकंप के झटकों से दहशत, परमाणु परीक्षण की उठी शंका

ईरान में फिर डोली धरती, बंदर अब्बास में भूकंप के झटकों से दहशत, परमाणु परीक्षण की उठी शंका

पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और आसमान से बरसती मिसाइलों के बीच ईरान एक बार फिर कुदरती मार का सामना कर रहा है। शनिवार सुबह ईरान के तटीय शहर बंदर अब्बास के पश्चिमी हिस्से में जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसने युद्ध की विभीषिका झेल रहे लोगों को और अधिक खौफजदा कर दिया है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई है। हालांकि, प्रारंभिक रिपोर्टों में किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना ने एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। इजरायल और अमेरिका के साथ जारी सीधे सैन्य संघर्ष के बीच लोग यह आशंका जता रहे हैं कि कहीं यह भूकंप ईरान द्वारा किए गए किसी गुप्त परमाणु परीक्षण का परिणाम तो नहीं है।
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, यह भूकंप बंदर अब्बास से लगभग 74 किलोमीटर पश्चिम में आया और इसका केंद्र जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई पर था। कम गहराई पर होने के कारण इसके झटके काफी तेज महसूस किए गए, जिससे घबराकर लोग अपने घरों और सुरक्षित ठिकानों से बाहर खुले मैदानों की ओर भागने लगे। गौर करने वाली बात यह है कि बीते 20 दिनों के भीतर दक्षिण ईरान में यह तीसरा बड़ा भूकंप है। इससे पहले 19 फरवरी को 5.5 तीव्रता और फिर पिछले मंगलवार को फार्स प्रांत में 4.3 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे। बार-बार एक ही क्षेत्र में और लगभग समान गहराई पर आ रहे इन भूकंपों ने भूवैज्ञानिकों के साथ-साथ रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। यह प्राकृतिक हलचल ऐसे समय में हो रही है जब ईरान के आसमान से लगातार मौत बरस रही है। अमेरिकी और इजरायली मिसाइलों ने तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में भारी तबाही मचा रखी है। 28 फरवरी को हुए एक बड़े हमले में अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या का दावा किया था, जिसके बाद से तनाव अपने चरम पर है। इस युद्ध में अब तक 600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और ईरान भी लगातार ड्रोन हमलों के जरिए पलटवार कर रहा है। युद्ध की इस आग के बीच बार-बार धरती का कांपना ईरानी नागरिकों के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है। फिलहाल प्रशासन नुकसान का जायजा ले रहा है, लेकिन युद्ध के शोर में राहत कार्यों में भी बाधा आ रही है।

सियासी मियार की रीपोर्ट