कारगिल के वीर नायक कर्नल सोनम वांगचुक का निधन, देश ने खोया साहसी योद्धा

लेह, 12 अप्रैल। कारगिल युद्ध के बहादुर योद्धा और महावीर चक्र से सम्मानित कर्नल सोनम वांगचुक का शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 61 वर्ष के थे और सेवानिवृत्ति के बाद लद्दाख में अपने घर पर रह रहे थे। उनके निधन से सैन्य जगत और पूरे देश में शोक की लहर है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने एक निर्भीक और समर्पित सैनिक को खो दिया है, जिनकी वीरता हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।
साल 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान कर्नल वांगचुक को लद्दाख के बटालिक सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास स्थित चोरबत ला क्षेत्र को सुरक्षित करने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने लद्दाख स्काउट्स के जवानों का नेतृत्व करते हुए कठिन परिस्थितियों में मोर्चा संभाला। भारी बर्फबारी और दुर्गम इलाकों के बीच उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर दुश्मन से मुकाबला किया और कई घुसपैठियों को मार गिराया।
वीरता पुरस्कार के उल्लेख के अनुसार, उन्होंने 1 से 2 मीटर तक जमी ताजा बर्फ को पार करते हुए दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखी। मुठभेड़ के दौरान उन्होंने दुश्मन सैनिकों को ढेर किया और हमले के बीच अपने साथियों को मजबूती दी। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने महत्वपूर्ण चौकियों पर कब्जा जमाकर दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
कर्नल वांगचुक का साहस, नेतृत्व और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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