बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर: करारी हार के बाद तेज प्रताप यादव और प्रशांत किशोर की ‘सीक्रेट’ मीटिंग
-क्या 2026 में बनने जा रहा है नया सियासी समीकरण?

पटना, 22 अप्रैल । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली ऐतिहासिक शिकस्त के बाद सूबे की राजनीति में एक नई हलचल देखी जा रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के नेता तेज प्रताप यादव ने मंगलवार रात जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर से मुलाकात की। तेज प्रताप ने इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे बेहद महत्वपूर्ण बताया है। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में काफी देर तक चर्चा हुई, जिसने बिहार के बदलते राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा कर दिया है।
मुलाकात के बाद तेज प्रताप यादव ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा कि यह बातचीत केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें जनहित और भविष्य की राजनीति को लेकर गहन मंथन हुआ है। गौरतलब है कि 2025 के चुनावों में तेज प्रताप की पार्टी जेजेडी को एक भी सीट नहीं मिली थी और वे स्वयं अपनी महुआ सीट भी नहीं बचा पाए थे। वहीं, प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी 238 सीटों पर लड़ने के बावजूद अपना खाता खोलने में नाकाम रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि दो पराजित शक्तियों का एक साथ आना बिहार में तीसरे मोर्चे या किसी नए गठबंधन की आहट हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह मुलाकात महज शिष्टाचार नहीं बल्कि 2026 की नई राजनीतिक दिशा तय करने की कवायद है। तेज प्रताप ने संवाद को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बताते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। हालांकि, प्रशांत किशोर की ओर से अभी तक इस मुलाकात पर कोई विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या दोनों नेता मिलकर सत्ताधारी और विपक्षी गठबंधन के लिए नई चुनौती पेश करेंगे। फिलहाल, इस मुलाकात ने पूरे बिहार के राजनेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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