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फिर लगी ट्रंप की सुरक्षा में सेंध, व्हाइट हाउस के बाहर चलीं गोलियां

फिर लगी ट्रंप की सुरक्षा में सेंध, व्हाइट हाउस के बाहर चलीं गोलियां

वॉशिंगटन, 06 मई। अमेरिकी राष्ट्रपति के निवास व्हाइट हाउस के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सीक्रेट सर्विस के एक अधिकारी ने फायरिंग की। यह घटना तब हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के भीतर एक बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी है।
सीक्रेट सर्विस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, व्हाइट हाउस परिसर के बाहरी इलाके में एक संदिग्ध के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान अधिकारी को अपने हथियार का इस्तेमाल करना पड़ा। हालांकि, घटना किन परिस्थितियों में हुई और अधिकारी को गोली क्यों चलानी पड़ी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिकारियों ने यह भी साफ नहीं किया है कि जिस व्यक्ति को गोली लगी, उसकी पहचान क्या है या उसकी वर्तमान स्थिति कैसी है। जांच का मुख्य विषय यह है कि क्या वह व्यक्ति सीधे तौर पर राष्ट्रपति या व्हाइट हाउस के लिए कोई खतरा था।
जिस समय बाहर गोली चली, राष्ट्रपति ट्रंप भवन के अंदर महत्वपूर्ण चर्चा में व्यस्त थे। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरे इलाके को घेर लिया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। साक्ष्य जुटाने और जांच प्रक्रिया पूरी करने के लिए आसपास की कई सड़कों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया। सीक्रेट सर्विस ने बयान जारी कर कहा है कि मामले की गहन जांच जारी है और तथ्यों के स्पष्ट होने पर अतिरिक्त जानकारी साझा की जाएगी। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर अमेरिका में पहले से ही चिंता का माहौल है। पिछले कुछ समय में उन पर हमलों की कई कोशिशें और धमकियां सामने आ चुकी हैं। हाल ही में कोल टॉमस एलन नामक एक सशस्त्र व्यक्ति ने वॉशिंगटन के एक होटल में सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की थी, जिसमें एक एजेंट घायल हुआ था। इसके अलावा, 2025 में भी एक रैली के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था। लगातार हो रही इन घटनाओं के मद्देनजर, अधिकारियों का मानना है कि देश में अकेले हमलावरों (लोन वोल्फ) और राजनीतिक हिंसा का खतरा बरकरार है। इस ताजा गोलीबारी के बाद राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है और आने वाले समय में निगरानी और अधिक सख्त होने की संभावना है।

सियासी मियार की रीपोर्ट