भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू सिलीगुड़ी में नई सरकार के फैसले से ग्रामीणों ने ली राहत की सांस…

सिलीगुड़ी, 23 मई । पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी अनुमंडल के फांसीदेवा क्षेत्र में शुक्रवार को भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीली बाड़ (फेंसिंग) लगाने का काम शुरू हो गया। यह कदम राज्य सरकार द्वारा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को 27 किलोमीटर भूमि के साथ-साथ बॉर्डर आउटपोस्ट और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए अतिरिक्त जमीन सौंपने के बाद उठाया गया है। इससे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था काफी मजबूत होने की उम्मीद है। इस विकास कार्य से स्थानीय सीमावर्ती निवासियों ने भारी राहत व्यक्त की है। लंबे समय से असुरक्षा का सामना कर रहे ग्रामीणों ने इसे एक बड़ा और जरूरी कदम बताया। स्थानीय निवासी अनिल घोष ने कहा, इस सीमावर्ती इलाके में पहले सुरक्षा नाम की कोई चीज नहीं थी। यहां का माहौल इतना खौफनाक था कि बयां नहीं किया जा सकता। हम मवेशी तक नहीं पाल सकते थे, क्योंकि उन्हें पालने का मतलब बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के हवाले करना था। यह सिर्फ बंगाल की नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा का मामला था। आज नई सरकार और नए मुख्यमंत्री के प्रयासों से हम खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। एक अन्य ग्रामीण नारायण साहा ने बताया कि पहले की मांगें अनसुनी कर दी गई थीं, लेकिन सुवेंदु अधिकारी के कार्यभार संभालते ही महज 10 दिनों के भीतर बीएसएफ को खुली छूट मिल गई, जिससे अब लोग चैन की नींद सो सकेंगे। ग्रामीण शिवम मोदक ने भी इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम बताया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जमीन देने में सहयोग नहीं किया, जिससे सीमा सुरक्षा प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में ही जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया था, जिसे 45 दिनों के भीतर केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दिया जाएगा ताकि बीएसएफ बाड़ लगाने का काम पूरा कर सके।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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