यह मंत्र बड़ी से बड़ी समस्या और विघ्न को टाल देता है

शिव जी की महिमा अदभूत है। सोमवार को शिवलिंग की पूजा अर्चना के बाद कुश के आसन पर विराजमान होकर रुद्राक्ष माला से इन चमत्कारी मंत्रों का जप करना विलक्षण सिद्धि व मनचाहे लाभ देने वाला होता है। इन मंत्रों में अपार शक्ति है। यह मंत्र 11, 21, 101, 1001 बार बोले जा सकते है। ध्यान रखे की मंत्र उच्चारण सही हो और मन उस समय चंचल नहीं हो।
शिवजी के कुछ नामो से नमो मंत्र
ऊं अघोराय नमः
ऊं शर्वाय नमः
ऊं विरूपाक्षाय नमः
ऊं विश्वरूपिणे नमः
ऊं त्र्यम्बकाय नमः
ऊं कपर्दिने नमः
ऊं भैरवाय नमः
ऊं शूलपाणये नमः
ऊं ईशानाय नमः
ऊं महेश्वराय नमः
यह है आशुतोष भगवान शिव को प्रसन्न करने के अत्यंत सरल और अचूक मंत्र। इन मंत्रों का प्रतिदिन रुद्राक्ष की माला से जप करना चाहिए। जप पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए। जप के पूर्व शिवजी को बिल्व पत्र अर्पित करना या उनके ऊपर जलधारा लगाना चाहिए। भगवान शंकर का पंचाक्षर मंत्र ऊं नमः शिवाय ही अमोघ एवं मोक्षदायी है, किंतु विषम काल में यदि भक्त पर कोई कठिन व्याधि या समस्या आन पड़े तब श्रद्धापूर्वक ऊं नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः ऊं के मंत्र का एक लाख जप करना चाहिए। यह बड़ी से बड़ी समस्या और विघ्न को टाल देता है।
-ऊर्ध्व भू फट्।
-नमः शिवाय।
-ऊं ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
-ऊं नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।
-इं क्षं मं औं अं।
-प्रौं ह्रीं ठः।
-नमो नीलकण्ठाय।
-ऊं पार्वतीपतये नमः।
-ऊं पशुपतये नमः
इसके अलावा काल पर विजय प्राप्त करने वाला महामृत्युञ्जय मंत्र भी सर्वोतम है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal