भारतीय अर्थव्यवस्था का परिदृश्य मजबूत, सतर्कता की जरूरत: वित्त मंत्रालय

नई दिल्ली, 31 मई। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को विभिन्न संकेतकों के हवाले से भारतीय अर्थव्यवस्था के परिदृश्य को मजबूत बताया लेकिन साथ ही पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर सतर्कता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। वित्त मंत्रालय की शनिवार को जारी मासिक रिपोर्ट के अनुसार, सेवा क्षेत्र का निर्यात मजबूत है, देश के पास विदेशी मुद्रा भंडार का पर्याप्त भंडार है और बाजार में स्थिरता है जो एक मजबूत आधार प्रदान करता है। रिपोर्ट में कहा गया है, “निकट भविष्य में देश का (आर्थिक) परिदृश्य मजबूत है, लेकिन सतर्कता की जरूरत है।”
वैश्विक माहौल में चुनौतियां बढ़ने का जिक्र करते हुए मंत्रालय ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, वित्तीय परिस्थितियां प्रतिकूल हो रही हैं और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि की रफ्तार सुस्त पर रही है। ये सभी कारक भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक हैं। रिपोर्ट में पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद घरेलू उद्योगों, विशेषकर निर्यातकों की मदद के लिए सरकार द्वारा किये गये उपायों का भी जिक्र किया गया है। इनमें एमएसएमई के लिए 2.55 लाख करोड़ की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम 5.0 और कोल/लिगनाइट गैसीफिकेशन स्कीम शामिल हैं। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रिपोर्ट की मुख्य बातें साझा करते हुए सिर्फ मार्च तक के आंकड़ों का उल्लेख किया है। औद्योगिक उत्पादन के अप्रैल के आंकड़े महीने के अंतिम कार्यदिवस पर 29 मई को जारी किये जाने थे लेकिन ये अभी जारी नहीं हुए हैं। खुदरा और थोक मुद्रास्फीति के अप्रैल के आंकड़े जारी हो चुके हैं, लेकिन मुख्य बातों में मार्च के आंकड़ों को रखा गया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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