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सैनिक स्कूलों के निजीकरण पर घमासान, राहुल गांधी ने लगाया आरएसएस से जुड़ाव का आरोप, संसदीय समिति में बीजेपी से भिड़ंत

सैनिक स्कूलों के निजीकरण पर घमासान, राहुल गांधी ने लगाया आरएसएस से जुड़ाव का आरोप, संसदीय समिति में बीजेपी से भिड़ंत

नई दिल्ली, 05 अगस्त । सैनिक स्कूलों के पीपीपी मॉडल पर संसदीय समिति में राहुल गांधी और बीजेपी सांसदों में तीखी बहस हुई। राहुल ने आरएसएस से जुड़ाव का आरोप लगाया, जिसका BJP ने कड़ा विरोध किया।

रक्षा मामलों की संसदीय स्थाई समिति की हालिया बैठक में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब सैनिक स्कूलों के संचालन और उनके निजीकरण के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसदों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तकरार होती रही। यह विवाद विशेष रूप से सैनिक स्कूलों के लिए अपनाए जा रहे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को लेकर शुरू हुआ।

सैनिक स्कूलों के पीपीपी मॉडल पर छिड़ा विवाद
बैठक का आधिकारिक एजेंडा सैनिक स्कूलों, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) और राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों की समीक्षा से जुड़ी रिपोर्ट पर चर्चा करना और उसे मंजूरी देना था। हालांकि, जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, राहुल गांधी ने सैनिक स्कूलों के संचालन को निजी हाथों में सौंपने के फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सरकार के उस मॉडल पर सवाल उठाए जिसके तहत इन स्कूलों का विकास और प्रबंधन निजी संस्थाओं के साथ मिलकर किया जा रहा है।

राहुल गांधी का आरोप
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक में बेहद गंभीर आरोप लगाया कि सैनिक स्कूलों के संचालन का जिम्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी संस्थाओं और कुछ चुनिंदा निजी कंपनियों को दिया जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल किया कि आखिर इन महत्वपूर्ण संस्थानों को चलाने की जिम्मेदारी ऐसी संस्थाओं को क्यों दी जा रही है जिनका संबंध विशेष विचारधारा से है। राहुल के इन शब्दों ने बैठक का माहौल गर्मा दिया और बीजेपी सांसद तुरंत उनके विरोध में उतर आए।

बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए बैठक में मौजूद एक बीजेपी सांसद ने उन पर बिना तथ्यों के राजनीति करने का आरोप लगाया। बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी से सबूत मांगते हुए पूछा कि उनके पास क्या प्रमाण है कि विद्या भारती जैसे संस्थानों का संबंध RSS से है। सत्ता पक्ष के सदस्यों का कहना था कि राहुल गांधी को बिना किसी ठोस आधार के इतने बड़े आरोप नहीं लगाने चाहिए।

68% संस्थानों पर विपक्ष का दावा
विवाद के बीच समिति के एक कांग्रेस सदस्य ने दावा किया कि अब तक देश के 86 सैनिक स्कूलों का संचालन निजी संस्थाओं को दिया जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन 86 स्कूलों में से लगभग 68 प्रतिशत संस्थाएं सीधे तौर पर RSS से जुड़ी हुई हैं, जबकि बाकी का जिम्मा निजी कॉर्पोरेट कंपनियों के पास है। विपक्ष का तर्क है कि यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

समिति अध्यक्ष का हस्तक्षेप
जब हंगामा काफी बढ़ गया, तो समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ बीजेपी सांसद राधामोहन सिंह ने बीच-बचाव किया। उन्होंने सदस्यों को शांत कराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार से पूरी जानकारी मांगी जाएगी और तथ्यों की जांच की जाएगी। बैठक के बाद जब उनसे इस विवाद पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक रिपोर्ट संसद में पेश नहीं हो जाती, तब तक इस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

यह मुद्दा अब केवल बंद कमरों की चर्चा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आने वाले दिनों में संसद में भी एक बड़े राजनीतिक टकराव का कारण बन सकता है।

सियासी मियार की रीपोर्ट