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‘बटवारा 1947’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल, मंगलवार को थोड़ी बढ़ी कमाई, 5 दिन में इतने करोड़

‘बटवारा 1947’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल, मंगलवार को थोड़ी बढ़ी कमाई, 5 दिन में इतने करोड़

मुंबई, 19 अगस्त सनी देओल स्टारर फिल्म ‘बटवारा 1947’ की कमाई 5वें दिन भी सुस्त रही। मंगलवार को धीमी रफ्तार के साथ फिल्म का कुल कलेक्शन केवल 30.75 करोड़ रुपये तक पहुंच पाया है।

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर सनी देओल ने अपनी नई फिल्म ‘बटवारा 1947’ का प्रचार-प्रसार बहुत ही जोर-शोर से किया था। हालांकि, बॉक्स ऑफिस परदस्तक देने के बाद दर्शकों की तरफ से इसे बेहद ठंडा रिस्पॉन्स मिला है। वर्किंग डेज की शुरुआत होते ही बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई की रफ्तार लगातार गिरती दिख रही है। 5वें दिन यानी मंगलवार को भी इस फिल्म का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। इसके उल्टे थिएटर्स में साथ में रिलीज हुई दूसरी बड़ी फिल्मों से इसे कड़ी चुनौती मिल रही है, जिससे इस फिल्म के लिए आगे का सफर और मुश्किल नजर आ रहा है।

5वें दिन की कमाई में दिखी भारी गिरावट
बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट के अनुसार, रिलीज के 5वें दिन यानी मंगलवार को फिल्म ने सिर्फ 2.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इससे एक दिन पहले सोमवार को फिल्म का कलेक्शन 2 करोड़ रुपये रहा था। वर्किंग डेज में दर्शकों की कम उपस्थिति के कारण फिल्म का बिजनेस काफी प्रभावित हुआ है। वीकेंड के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि फिल्म अपनी पकड़ बनाए रखेगी, लेकिन मंगलवार को भी आंकड़ों में कोई बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला।

5 दिनों में 30 करोड़ पार पहुंचा आंकड़ा
शुरुआती 5 दिनों का हिसाब लगाएं तो भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन अब तक 30.75 करोड़ रुपये ही हो सका है। सनी देओल, प्रीति जिंटा और शबाना आजमी जैसे बड़े और दिग्गज कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद यह फिल्म अब तक 50 करोड़ रुपये के मील के पत्थर से काफी दूर है। जिस पैमाने पर फिल्म का निर्माण हुआ था, उस हिसाब से बॉक्स ऑफिस पर यह कमाई बेहद सुस्त मानी जा रही है।

आवारापन 2 से मिली तगड़ी टक्कर
एक तरफ जहां सनी देओल की फिल्म थिएटर्स में संघर्ष कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। नितिन कक्कड़ के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने 5वें दिन ही 9.85 करोड़ रुपये का धमाकेदार बिजनेस किया और देखते ही देखते 100 करोड़ रुपये के क्लब में एंटर कर लिया। आवारापन 2 की इस आंधी के सामने बटवारा 1947 की स्क्रीन काउंट और कमाई दोनों पर असर पड़ा है।

विभाजन के दर्द और मशहूर नाटक पर आधारित कहानी
फिल्म ‘बटवारा 1947’ की कहानी 1947 के भारत विभाजन के दौर, उससे उपजे दर्द और मानवीय रिश्तों की संवेदनशीलता को दर्शाती है। विपरीत और मुश्किलों में भी प्यार, त्याग और इंसानियत बनाए रखने का संदेश यह फिल्म देती है। राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन और आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी यह फिल्म मशहूर नाटककार असगर वजाहत के बहुचर्चित नाटक ‘जिस लाहौर नई वेख्या, ओ जम्या ए नई’ पर आधारित है।

सियासी मियार की रीपोर्ट