हिमाचल विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन फिर हंगामा, सदन परिसर में नारेबाजी

शिमला,। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शनिवार को हंगामा देखने को मिला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। बारिश के बीच हाथों में तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए कांग्रेस विधायकों ने भाजपा विधायकों पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगाया।
इससे पहले शुक्रवार को मानसून सत्र का पहला दिन ही हंगामे की भेंट चढ़ गया था। सदन की कार्यवाही महज 10 मिनट ही चल पाई थी। राष्ट्रगीत को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए थे।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रगान गाया गया। इसके बाद विपक्ष (भाजपा) ने मांग उठाई कि राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रगीत भी गाया जाना चाहिए।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने साफ किया कि सदन में राष्ट्रगीत गाया जाता है, लेकिन सत्र के समापन के समय। जैसे ही अध्यक्ष आगे की कार्यवाही को लेकर व्यवस्था देने लगे, विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी विधायकों ने कहा कि कानून का पालन हो।
इस दौरान सदन में विपक्ष ने नारेबाजी की और सत्ता पक्ष ने भी शुरू में नारेबाजी की। हिमाचल में विपक्ष ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस राष्ट्रगीत नहीं गाना चाहती और सरकार का रवैया राष्ट्रविरोधी है।
देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया और सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाने लगे। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
हिमाचल सरकार के मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “विपक्ष को अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभानी चाहिए। चाहे वह सरकार से सवाल पूछे या चर्चा के लिए मुद्दे उठाए और प्रदेश की समस्याओं पर सरकार के साथ चर्चा करे, यही विपक्ष का मुख्य काम है और उन्हें वही करना चाहिए।”
सियासी मियार की रीपोर्ट
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