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जापानी कंपनी कर्मचारियों के यौन शोषण के आरोपों में घिरी.

जापानी कंपनी कर्मचारियों के यौन शोषण के आरोपों में घिरी.

-टारगेट पूरा न होने पर कर्मचारियों के न्‍यूड फोटो खिंचवाकर करवाती थी शेयर

टोक्यो, 07 जुलाई । टारगेट पूरा न होने पर कंपनी ने वेतन कटौती और बोनस रोक लेती हैं, लेकिन जापानी की एक कंपनी ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को ऐसी सजा दी है कि उससे कई कर्मचारी डिप्रेशन का शिकार हो गए। ओसाका स्थित नियो कॉर्पोरेशन पर कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कमजोर प्रदर्शन करने पर कंपनी कर्मचारियों को अपने न्‍यूड फोटो खिंचने और उसे सहकर्मियों के साथ शेयर करने को मजबूर करती है। बिजली और एनर्जी सेविंग प्रोडक्‍ट्स की इंस्टॉलेशन सेवाओं से जुड़ी कंपनी अब कर्मचारियों के यौन शोषण के आरोपों में घिर गई है।
बता दें यह पहली बार नहीं है जब नियो कॉर्पोरेशन विवादों में घिरी है। इससे पहले भी कंपनी ने भ्रामक भर्ती विज्ञापन देकर आलोचनाओं का सामना किया था, जिसमें दावा किया गया था कि उनके सेल्स स्टाफ की औसत सालाना आय 1.427 करोड़ येन यानी करीब 97,000 अमेरिकी डॉलर है। नियो कॉर्पोरेशन ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
अपने आधिकारिक बयान में कंपनी ने दावा किया कि मुकदमे में तथ्यात्मक त्रुटियां हैं और यह एकतरफा नजरिए है। मार्च 2025 में पांच पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इन कर्मचारियों ने कोर्ट से 1.9 करोड़ येन यानी करीब 1.32 लाख अमेरिकी डॉलर के मुआवजे की मांग की है।
उनका आरोप है कि कंपनी में काम करने के दौरान उनका यौन उत्पीड़न किया गया और उनके साथ शारीरिक हिंसा की गई साथ ही उनका वेतन भी अवैध तरीके से काट लिया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक एक कर्मचारी ने बताया कि जब वह अपने दैनिक बिक्री लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाता था तो उसका सेल्स मैनेजर उसे अपनी नग्न तस्वीर खींचने के लिए कहता था। यह अपमानजनक तस्वीर फिर अन्य कर्मचारियों को भेज दी जाती थी और उस पर शक किया जाता था।
कर्मचारी ने बताया कि उसका सीनियर उसे शारीरिक दंड के रूप में नियमित तौर पर जननांगों को छूता था। जब उसने इस बारे में शाखा प्रबंधक से शिकायत की उन्होंने कहा कि इससे हर कोई गुजरता है। लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण के कारण पीड़ित कर्मचारी को डिप्रेशन का सामना करना पड़ा। यह घटनाएं कंपनी में फैली हुई गहरी और जहरीली कार्यसंस्कृति की ओर इशारा करती हैं। आरोप केवल यौन शोषण तक सीमित नहीं हैं। अन्य कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे ज्यादा ओवरटाइम करवाया गया। उनके साथ गाली-गलौच की गई और वेतन कटौती भी की गई। एक शाखा प्रबंधक ने आरोप लगाया कि जब उसने एक कंपनी डिनर में शामिल होने से इनकार किया तो कंपनी के निदेशक ने उसे थप्पड़ मार दिया।

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