ईरान के साथ परमाणु विवाद सुलझाने के लिए सीधे संवाद को तैयार हुए डोनाल्ड ट्रंप; सर्वोच्च नेता खामेनेई से हो सकती है ऐतिहासिक मुलाकात, जिनेवा में अगले दौर की वार्ता का खाका तैयार

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आ रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति की बहाली के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से सीधे मुलाकात करने को तैयार हैं। स्विस विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि दोनों देश अगले हफ्ते तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर जिनेवा में दूसरे दौर की बातचीत करेंगे। इससे पहले 6 फरवरी को ओमान में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता के बाद अब सीधे संवाद की उम्मीदें जगी हैं, जिसे वैश्विक स्थिरता के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
बातचीत की मेज पर आने के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप का रुख बेहद कड़ा बना हुआ है। उन्होंने तेहरान को चेतावनी दी है कि यदि उनके प्रशासन के साथ कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो परिणाम ‘बहुत दर्दनाक’ होंगे। गौरतलब है कि जून 2025 में इजरायल-ईरान युद्ध और ईरानी परमाणु केंद्रों पर अमेरिकी बमबारी के बाद स्थितियां और बिगड़ गई थीं। ट्रंप ने हाल ही में दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर ‘यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड’ भी मिडिल ईस्ट की ओर रवाना कर दिया है। ट्रंप प्रशासन की स्पष्ट शर्त है कि किसी भी समझौते के तहत ईरान यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) नहीं कर पाएगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अंतरराष्ट्रीय जांच और सत्यापन के लिए तत्परता दिखाई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) महीनों से ईरान के स्टॉक की जांच नहीं कर पाई है। दूसरी ओर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मांग की है कि किसी भी डील में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और हमास-हिजबुल्लाह जैसे समूहों की फंडिंग रोकने की शर्तें अनिवार्य रूप से शामिल हों। ईरान वर्तमान में हथियार-ग्रेड के बेहद करीब 60% शुद्धता तक यूरेनियम संवर्धित कर रहा है, जिससे परमाणु हथियारों की होड़ का खतरा बढ़ गया है। अब पूरी दुनिया की निगाहें जिनेवा वार्ता के नतीजों पर टिकी हैं।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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