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इटली के सैन्य गोदाम से 181 करोड़ के लड़ाकू विमान पुर्जे गायब, बड़े अधिकारियों पर गहराया शक

इटली के सैन्य गोदाम से 181 करोड़ के लड़ाकू विमान पुर्जे गायब, बड़े अधिकारियों पर गहराया शक

इटली के ब्रिंडिसी एयरफोर्स डिपो में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने देश के रक्षा गलियारों और सैन्य सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। वायुसेना के एक सुरक्षित गोदाम से मिलिट्री एयरक्राफ्ट के लगभग 2,500 महत्वपूर्ण पुर्जे रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए हैं। गायब हुए इन पार्ट्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1.7 करोड़ यूरो है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 181 करोड़ रुपये बैठती है। यह कोई सामान्य कल-पुर्जे नहीं थे, बल्कि अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों और सैन्य मालवाहक जहाजों के बेहद संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक मॉड्यूल और एवियोनिक्स सिस्टम थे।
इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद रोम के अभियोजक और मिलिट्री पब्लिक प्रोसिक्यूटर ऑफिस ने मोर्चा संभाल लिया है। शुरुआती जांच में एक दर्जन से अधिक लोगों को संदिग्ध माना गया है, जिनमें वायुसेना के सीनियर लॉजिस्टिक मैनेजर, उच्च पदस्थ जनरल और सैन्य रखरखाव करने वाली निजी कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह महज एक सामान्य चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक साजिश है। आशंका जताई जा रही है कि इन बेशकीमती पुर्जों को आधिकारिक रिकॉर्ड से चालाकी से हटाकर ब्लैक मार्केट में अवैध तरीके से बेच दिया गया है। जांच का सबसे गंभीर पहलू यह है कि क्या ये पुर्जे वास्तव में खराब हो चुके थे या इन्हें जानबूझकर फाइलों में ‘आउट-ऑफ-यूज़’ यानी बेकार घोषित किया गया था। ऐसा माना जा रहा है कि जो पार्ट्स पूरी तरह चालू हालत में थे, उन्हें कागजों पर रद्दी या कबाड़ दिखाकर उनकी ट्रैकिंग खत्म कर दी गई और फिर उन्हें भौतिक रूप से गोदाम से बाहर निकाल दिया गया। नाटो के सख्त प्रोटोकॉल के अनुसार, हर सैन्य पुर्जे का एक यूनिक कोड होता है और उसकी पूरी हिस्ट्री रजिस्टर में दर्ज होती है। इस बेहद कड़ी निगरानी प्रणाली के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर चोरी होना सिस्टम के भीतर बैठी बड़ी मछलियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
इस मामले में एक अंतरराष्ट्रीय ब्राजील कनेक्शन भी उभरकर सामने आ रहा है। गायब हुए पुर्जों में पनाविया टॉरनेडो, एएमएक्स फाइटर-बॉम्बर और लॉकहीड सी-130 हरक्यूलिस जैसे विमानों के पुर्जे शामिल हैं। चूंकि एएमएक्स विमान इटली और ब्राजील के साझा सहयोग से विकसित किया गया था और ब्राजील की वायुसेना आज भी इसका उपयोग कर रही है, इसलिए इन दुर्लभ पुर्जों की वहां भारी मांग है। ये विमान अब पुराने हो चुके हैं और इनकी प्रोडक्शन लाइन बंद होने की वजह से इनके असली स्पेयर पार्ट्स अंतरराष्ट्रीय सेकेंडरी मार्केट में बहुत ऊंचे दामों पर बिकते हैं। जांच एजेंसियां अब इस दिशा में काम कर रही हैं कि क्या इन चोरी के पुर्जों को दक्षिण अमेरिका के बाजारों में खपाया गया है। सैन्य नियमों के तहत, एक विमान के पुर्जे निकालकर दूसरे में लगाने की प्रक्रिया, जिसे ‘कैनिबलाइजेशन’ कहा जाता है, उसके लिए भी सख्त कागजी कार्रवाई अनिवार्य होती है। इस मामले में उन तमाम नियमों की धज्जियां उड़ाई गई प्रतीत होती हैं। इटली की वायुसेना ने भी एक आंतरिक तकनीकी जांच आयोग का गठन कर दिया है। यदि जांच में यह साबित होता है कि सरकारी खजाने और रक्षा संपदा को इस तरह चूना लगाया गया है, तो यह इटली के सैन्य इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक साबित होगा। वर्तमान में विशेषज्ञ गायब पुर्जों की वास्तविक स्थिति और उनकी तस्करी के रूट का पता लगाने में जुटे हैं।

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