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युवाओं के बीच खास जगह बना ली थी ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ ने

युवाओं के बीच खास जगह बना ली थी ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ ने

बॉलीवुड फिल्म सोनू के टीटू की स्वीटी ने रिलीज के आठ साल पूरे कर लिए हैं। 2018 में आई इस फिल्म ने बिना किसी बड़ी उम्मीद के बॉक्स ऑफिस पर धमाका किया था। फिल्म ने युवाओं के बीच एक खास जगह बना ली थी। आज भी यह फिल्म दर्शकों की फेवरेट लिस्ट में शामिल है और कई डायलॉग व सीन पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। फिल्म की कहानी दो जिगरी दोस्तों सोनू और टीटू के इर्द-गिर्द घूमती है। टीटू (सनी सिंह) एक भावुक और भरोसेमंद लड़का है, जिसे प्यार में बार-बार धोखा मिलता रहता है। हर बार उसका साथ निभाता है उसका बचपन का दोस्त सोनू (कार्तिक आर्यन), जो न सिर्फ उसे गलत रिश्तों से बचाता है बल्कि उसके फैसलों में समझदारी लाने की कोशिश भी करता है। सोनू और टीटू का यह बंधन फिल्म की मुख्य ताकत है। टीटू की मां के गुजरने के बाद उसके घरवालों द्वारा सोनू को अपना बेटा मानकर पाला जाना कहानी को और भी भावनात्मक बनाता है। कहानी में मोड़ तब आता है जब प्यार से थक चुका टीटू शादी करने का निर्णय लेता है और अरेंज मैरिज के जरिए स्वीटी (नुसरत भरूचा) की एंट्री होती है। स्वीटी अपने परफेक्ट व्यवहार, संस्कार और मिठास से टीटू के परिवार का दिल जीत लेती है, लेकिन सोनू की नज़र में वह बिल्कुल भी भरोसेमंद नहीं लगती। सोनू को लगता है कि कोई इंसान इतना परफेक्ट हो ही नहीं सकता। इसी शक के चलते दोस्ती और रिश्तों की जंग शुरू होती है और फिल्म इसी दिलचस्प टकराव पर आगे बढ़ती है। फिल्म का निर्देशन लव रंजन ने किया था और कार्तिक आर्यन, सनी सिंह व नुसरत भरूचा की तिकड़ी ने अपनी स्क्रीन केमिस्ट्री से कहानी में जान डाल दी। फिल्म में आलोक नाथ, वीरेंद्र सक्सेना और दीपिका अमीन जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिका निभाई। फिल्म का संगीत भी इसकी सफलता की बड़ी वजह रहा। ‘दिल चोरी’, ‘लक मेरा हिट’, ‘स्वीटी स्लोली’ और ‘तेरा यार हूं मैं’ जैसे गानों ने न सिर्फ चार्टबस्टर का दर्जा पाया, बल्कि दोस्ती और प्यार की भावनाओं को नई पहचान दी।

सियासी मियार की रीपोर्ट