रिजिजू ने खरगे को पत्र लिखकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मांगा सहयोग

नई दिल्ली, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित विभिन्न पार्टियों के नेताओं से सहयोग मांगा है।
इस संबंध में श्री रिजिजू ने श्री खरगे को पत्र लिखा है और उनसे महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने रविवार को श्री खरगे को लिखे पत्र की प्रति सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत की महिलाओं से किए गए वादे टालमटोल की राजनीति का हिस्सा नहीं बन सकते हैं। आज जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने का समय आया है, तो हिचकिचाहट और सवाल उठाए जा रहे हैं। मैं पूरी विनम्रता के साथ इस बात से असहमत हूँ।”
उन्होंने कहा, “मैंने श्री खरगे जी को पत्र लिखा है, जिसमें मैंने तथ्यों को सामने रखा है और आगे बढ़ने की तत्काल आवश्यकता को दोहराया है।”
उन्होंने कहा, “दशकों तक महिलाओं के लिए आरक्षण सिर्फ़ एक वादा बनकर रह गया था। इस सरकार ने इसे हकीकत में बदला। अब, परिसीमन से जुड़े ज़रूरी संशोधन इसलिए बेहद अहम हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारी नारी शक्ति को 2029 से पहले उनका उचित प्रतिनिधित्व मिल जाए, न कि उन्हें और ज़्यादा अनिश्चितता में धकेला जाए।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैंने व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग पार्टियों के नेताओं से संपर्क किया है, उन्हें पत्र लिखे हैं और उनसे बातचीत की है। बातचीत हुई है और यह अभी भी जारी है। किसी न किसी मोड़ पर इरादों को अमल में बदलना ही होगा। प्रक्रिया के नाम पर इसे लागू करने में देरी करना लाखों महिलाओं को न्याय देने में देरी करने के अलावा और कुछ नहीं है।”
उन्होंने कहा, “यह राजनीति के बारे में नहीं है। यह भारत की बेटियों से किए गए हमारे वादे को निभाने के बारे में है। आइए, हम हिचकिचाहट से ऊपर उठें और नारी शक्ति के लिए मिलकर आगे बढ़ें।”
गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए 16 अप्रैल से संसद का तीन दिवसीय सत्र आहूत किया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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