प्रियंका गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार: महिला आरक्षण के बहाने विपक्ष को बदनाम करने की साजिश हुई नाकाम
-वायनाड सांसद ने विपक्षी एकता को बताया लोकतंत्र की जीत

नई दिल्ली, 18 अप्रैल। कांग्रेस की दिग्गज नेता और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने संसद में हुई हालिया गतिविधियों को लोकतंत्र और विपक्षी एकता की बड़ी जीत करार दिया। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने दो राज्यों के चुनावों के बीच बिना किसी स्पष्ट एजेंडे के जल्दबाजी में संसद का विशेष सत्र बुलाया था। उनके अनुसार, सरकार का मुख्य उद्देश्य इस विधेयक को पास कर अपनी मनमानी करना और विपक्ष को महिला विरोधी के रूप में चित्रित करना था, लेकिन विपक्षी दलों की एकजुटता ने इस योजना को सफल नहीं होने दिया।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने परिसीमन से जुड़ी कथित “साजिश” को पूरी तरह विफल कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा विपक्ष पहले से पारित कानून को ही तुरंत लागू करने की मांग कर रहा है। कांग्रेस सांसद ने आश्चर्य जताया कि जो कानून तीन साल पहले पास हुआ था, उसका नोटिफिकेशन अब क्यों जारी किया गया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह पुराने कानून को ही लागू करे क्योंकि इस मुद्दे पर सभी दल एक साथ खड़े हैं। प्रियंका ने जोर देकर कहा कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों का पुरजोर समर्थन करता है, लेकिन लोकतंत्र की गरिमा से समझौता नहीं करेगा।
प्रियंका गांधी ने कड़े शब्दों में कहा कि सरकार सत्ता में बने रहने के लिए महिलाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करना चाहती है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावों के समय ही ऐसे भावनात्मक मुद्दों को उठाना जनता को गुमराह करने की कोशिश है। कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि विपक्ष देश की अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने अंत में कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण वास्तविक नीतियों से होगा, न कि केवल चुनावी घोषणाओं और जटिल कानूनी बाधाओं से, जिसे विपक्ष ने जनता के सामने बेनकाब कर दिया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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