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एकजुट और विकसित भारत के निर्माण में डॉ. मुखर्जी का बलिदान, अटूट संकल्प पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा :राधाकृष्णन

एकजुट और विकसित भारत के निर्माण में डॉ. मुखर्जी का बलिदान, अटूट संकल्प पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा :राधाकृष्णन

नई दिल्ली, 23 जून। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर एक मजबूत, एकजुट और विकसित भारत के निर्माण के प्रति उनके बलिदान और अटूट संकल्प को याद करते हुये विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री राधाकृष्णन सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। एक दूरदर्शी नेता, प्रख्यात शिक्षाविद और दृढ़ देशभक्त के रूप में, उन्होंने निडर होकर भारत की एकता और अखंडता की वकालत की। एक मजबूत, एकजुट और विकसित भारत के निर्माण के प्रति उनका बलिदान और अटूट संकल्प पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. मुखर्जी को राष्ट्रीय एकता की वकालत करने और अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जे का विरोध करने के लिए याद किया जाता है। 23 जून 1953 को जम्मू-कश्मीर में हिरासत के दौरान उनका निधन हो गया था। उन्हें उस परमिट सिस्टम के खिलाफ आंदोलन शुरू करने के कारण हिरासत में लिया गया था, जो भारतीय नागरिकों के राज्य में प्रवेश पर रोक लगाता था। भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े संगठन हर साल उनकी पुण्यतिथि को ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाते हैं। भाजपा डॉ. मुखर्जी को अपनी प्रमुख वैचारिक प्रेरणाओं में से एक मानती है और देश भर में पार्टी नेता उन्हें श्रद्धांजलि देकर तथा भारत की राजनीतिक और राष्ट्रीय चर्चा में उनके योगदान को याद करके यह दिन मनाते हैं।

सियासी मियार की रीपोर्ट