कांगो में इबोला का ‘साइलेंट’ प्रहार, सरकारी आंकड़ों से 4 गुना अधिक फैल सकता है संक्रमण, डबल्यूएचओ ने दी चेतावनी

किंशासा, 11 जुलाई। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला का प्रकोप अब आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक भयावह रूप ले चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) के अनुसार, इतुरी प्रांत के बुनिया क्षेत्र में 80 प्रतिशत नए मामलों का किसी ज्ञात संक्रमित व्यक्ति से संबंध नहीं मिल रहा है, जो वायरस के समुदाय में गुप्त रूप से फैलने का स्पष्ट संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमीनी हकीकत सरकारी रिपोर्टों से दो से चार गुना अधिक गंभीर हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए संक्रमण के स्रोतों को ट्रैक करना लगभग असंभव होता जा रहा है।
हल्के लक्षणों के कारण बढ़ता खतरा
इस प्रकोप में फैल रहा ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन अपेक्षाकृत हल्के लक्षण पैदा कर रहा है, जो एक नई चुनौती बन गया है। लक्षणों के सामान्य होने के कारण लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे और संक्रमित रिश्तेदारों की घर पर ही देखभाल कर रहे हैं। डबल्यूएचओ के आपात स्थिति निदेशक चिकवे इहेक्वेजू के अनुसार, मरीज समय पर स्वास्थ्य प्रणाली से नहीं जुड़ रहे हैं, जिससे उनके द्वारा अनजाने में वायरस फैलाने का जोखिम कई गुना बढ़ गया है। विश्लेषण से पता चला है कि इबोला से होने वाली लगभग 70 प्रतिशत मौतें उपचार केंद्रों से दूर घरों में हो रही हैं।
निगरानी प्रणाली को युद्ध स्तर पर मजबूती
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब निगरानी प्रणाली को व्यापक स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। सरकार ने 21,000 सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया है, जो घर-घर जाकर संदिग्ध मामलों की पहचान करेंगे। वायरस अब उत्तरी किवु से आगे बढ़कर दक्षिणी किवु और त्शोपो प्रांत तक पैर पसार चुका है, जिससे भौगोलिक चुनौती और बढ़ गई है। बुनिया में हर दूसरा परीक्षण पॉजिटिव आने के कारण प्रशासन ने स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर तुरंत जांच कराने के लिए जागरूकता अभियान भी तेज कर दिया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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