उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर अमेरिका ने सहयोगियों को दिया सुरक्षा का भरोसा

प्योंगयांग, 07 अगस्त। उत्तर कोरिया द्वारा दागी गई मिसाइल पर अमेरिकी सेना ने सहयोगियों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि इस परीक्षण से सहयोगियों को तत्काल कोई खतरा नहीं है।
अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई है। पैसिफिक कमांड ने उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी सागर की तरफ दागी गई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल के कुछ ही घंटों बाद यह सुरक्षा बयान जारी कर सहयोगियों को सुरक्षित रहने का पूर्ण आश्वासन दिया।
योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी कमांड सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने अपने आकलन में स्पष्ट किया कि उत्तर कोरिया की यह मिसाइल घटना अमेरिकी कर्मियों, अमेरिकी क्षेत्र या सहयोगी देशों के लिए तत्काल कोई खतरा नहीं है। अमेरिका अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मिसाइल प्रक्षेपण और सैन्य विश्लेषण
दक्षिण कोरिया के जेसीएस के अनुसार, यह मिसाइल वोनसान क्षेत्र से शाम करीब 5 बजे दागी गई। वर्तमान में दक्षिण कोरिया और अमेरिका मिलकर इस मिसाइल की तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रहे हैं। दोनों देशों ने शुरुआती तैयारी के चरण से ही उत्तर कोरिया की गतिविधियों का पता लगा लिया था।
जेसीएस ने बताया कि अतिरिक्त प्रक्षेपणों पर नजर रखने के लिए दक्षिण कोरियाई सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है। वे इस संबंध में अमेरिका और जापान के साथ आवश्यक जानकारी साझा कर रहे हैं। यह प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ से ठीक पहले हुआ है।
सैन्य सहयोग और पिछली घटनाएं
इससे पहले उत्तर कोरिया ने 25 जून को एक सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल, नए मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और अन्य हथियारों का परीक्षण किया था। इस वजह से अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाएं किसी भी अन्य संभावित प्रक्षेपण पर नजर रखने के साथ-साथ उचित जवाबी तैयारी बनाए रखने के लिए लगातार अपनी निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं।
आपात बैठक और कड़ा रुख
इस प्रक्षेपण के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग ने तुरंत बैठक बुलाई। इसमें रक्षा मंत्रालय और जेसीएस के अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों को सतर्क रहने, जवाबी तैयारी बनाए रखने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रपति कार्यालय ने उत्तर कोरिया के इस मिसाइल प्रक्षेपण को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने इसे उकसावे वाली कार्रवाई करार देते हुए तुरंत रोकने की मांग की। दक्षिण कोरिया और अमेरिका सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal