टाटा पंच में डीज़ल इंजन लगाने से कीमत पर पडेगा असर

टाटा मोटर्स की एसयूवी टाटा पंच में तमाम बदलावों के बीच एक सवाल लंबे समय से ग्राहकों और ऑटो एक्सपर्ट्स के मन में बना हुआ है कि क्या टाटा पंच को कभी डीज़ल इंजन के साथ लॉन्च किया जाएगा। डीज़ल पंच की मांग इसलिए भी उठती रही है क्योंकि टाटा मोटर्स पहले ही यह साबित कर चुकी है कि कॉम्पैक्ट कारों में डीज़ल इंजन बेहतर परफॉर्मेंस दे सकते हैं। टाटा अल्ट्रोज़ आज भी डीज़ल विकल्प के साथ उपलब्ध है और अपने सेगमेंट में भरोसेमंद मानी जाती है। पंच और अल्ट्रोज़ के प्लेटफॉर्म और साइज में समानता होने के कारण यह उम्मीद समय-समय पर सामने आती रही है। हाल ही में इस मुद्दे पर टाटा मोटर्स के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर मोहन सावरकर ने कंपनी का रुख साफ किया। उन्होंने बताया कि बीएस6 उत्सर्जन मानकों, खासकर बीएस 6 फेज-2 के बाद छोटे सेगमेंट की कारों में डीज़ल इंजन को तकनीकी रूप से काफी महंगा बनाना पड़ता है। इसका सीधा असर गाड़ी की कीमत पर पड़ता है, जो माइक्रो-एसयूवी खरीदने वाले ग्राहकों की अपेक्षाओं से मेल नहीं खाता। तकनीकी तौर पर डीज़ल पंच संभव है, लेकिन कीमत बढ़ने के कारण फिलहाल इस पर काम नहीं किया जा रहा। डीज़ल की जगह टाटा का फोकस पेट्रोल और सीएनजी विकल्पों पर है। 2026 पंच में नया 1.2-लीटर आई टर्बो रेवोट्रॉन पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो ज्यादा पावर और बेहतर परफॉर्मेंस देता है। साथ ही सीएनजी वेरिएंट में एएमटी गियरबॉक्स की सुविधा भी दी गई है। मौजूदा नियमों और लागत को देखते हुए फिलहाल डीज़ल टाटा पंच की उम्मीदें कम नजर आ रही हैं। बता दें कि नए डिजाइन, अपडेटेड केबिन, आधुनिक फीचर्स और पहली बार टर्बो-पेट्रोल इंजन की एंट्री के साथ पंच अब पहले से ज्यादा प्रीमियम हो गई है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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