संसद में राष्ट्रपति की बड़ी बातें: अंतरिक्ष में भारत के परचम से लेकर देश में सामाजिक न्याय तक, इन बातों पर जोर

नई दिल्ली, 29 जनवरी। संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश की दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं पर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की बढ़ती भूमिका, सामाजिक न्याय के विस्तार और भ्रष्टाचार पर सख्ती जैसे मुद्दों को रेखांकित किया। राष्ट्रपति का यह भाषण ऐसे समय आया, जब देश तकनीकी प्रगति और सामाजिक समावेशन दोनों मोर्चों पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।
अंतरिक्ष में भारत की नई उड़ान क्यों अहम?
राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा ऐतिहासिक शुरुआत है। उन्होंने इसे भारत की दीर्घकालिक अंतरिक्ष यात्रा का पहला बड़ा कदम बताया। राष्ट्रपति के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और अंतरिक्ष पर्यटन भी अब भारतीयों की पहुंच में आता दिख रहा है। उन्होंने गगनयान मिशन पर चल रहे कार्य का भी उल्लेख किया।
गगनयान और आत्मनिर्भर अंतरिक्ष कार्यक्रम पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ने कहा कि देश पूरे उत्साह के साथ गगनयान मिशन पर काम कर रहा है।
अंतरिक्ष विज्ञान में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय लक्ष्य बताया गया।
अनुसंधान और तकनीक में निरंतर निवेश पर जोर दिया गया।
भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
उन्होंने यह भी 1984 में राकेश शर्मा की अंतरिक्ष यात्रा भी याद दिलाई
भारत ने इस पीढ़ी के साथ फिर एक नया अध्याय शुरू किया है।
सामाजिक न्याय पर सरकार का दावा क्या है?
राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अब करीब 95 करोड़ नागरिकों तक पहुंच रहा है। बीते 10 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को और सशक्त करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन पर क्या संदेश दिया गया?
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार और घोटालों पर प्रभावी नियंत्रण किया है।
सार्वजनिक धन के सही उपयोग पर जोर।
पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत करने की बात।
योजनाओं के लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने का दावा।
उन्होंने कहा कि यह प्रयास सामाजिक विश्वास बढ़ाने और शासन को जवाबदेह बनाने के लिए जरूरी हैं।
राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान विपक्ष की ओर से हंगामा भी देखने को मिला, लेकिन सरकार ने अपने एजेंडे को स्पष्ट रखा। प्रधानमंत्री और सत्तापक्ष के नेताओं ने अंतरिक्ष उपलब्धियों और सामाजिक योजनाओं पर राष्ट्रपति के वक्तव्यों का समर्थन किया। कुल मिलाकर, यह संबोधन तकनीक, विकास और सामाजिक न्याय। तीनों को साथ लेकर चलने की सरकार की रणनीति को दर्शाता है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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