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नेताजी बोस से लेकर संजय गांधी और विजय रूपाणी तक देश ने इन हस्तियों को खोया

नेताजी बोस से लेकर संजय गांधी और विजय रूपाणी तक देश ने इन हस्तियों को खोया

महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। विमान में सवार पांच अन्य लोग भी इस हादसे में नहीं बचे। यह दुर्घटना तब हुई जब एनसीपी नेता अजित पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती में रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया। देश ने पिछले कुछ महीने पहले ही एक बड़ा विमान हादसा झेला।

अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भर रहा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सनसनी फैल गई। टेकऑफ के कुछ ही क्षण बाद विमान अहमदाबाद के मेघाणीनगर इलाके में एक रिहायशी क्षेत्र में स्थित इमारत से टकरा गया था। हादसे के बाद वैश्विक स्तर पर शोक की लहर दौड़ गई। कई देशों के नेताओं ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी इस एयर इंडिया की फ्लाइट में सवार थे।

इस बीच यह जानना अहम है कि भारत में कब-कब और कौन सी प्रमुख हस्तियों की विमान हादसे में जान गई है? यह हादसे किस तरह के थे और इनके बारे में क्या जानकारी सामने आई थी? आइये जानते हैं…

सुभाष चंद्र बोस

कौन: स्वतंत्रता सेनानी, कांग्रेस से जुड़े रहे

कब हुआ निधन: 18 अगस्त 1945

कहां: ताइहोकू एयरपोर्ट, ताइवान (अब ताइपे)

कैसे: जापानी सैन्य विमान उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ। दावा किया जाता है कि नेताजी जलकर बुरी तरह घायल हुए और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। हालांकि, उनकी मृत्यु को लेकर आज भी संदेह जाहिर किए जाते हैं। साथ ही उनके जिंदा बचने को लेकर भी कुछ थ्योरी भी दी जाती रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार कभी गोपनीय रहे दस्तावेजों को सार्वजनिक कर समय-समय पर साफ करती रही है कि नेताजी का हादसे में निधन हो गया था और उनकी अस्थियां जापान के टोक्यो स्थित रेनकोजी मंदिर में रखी हैं।

होमी भाभा
कौन: भारत के परमाणु विज्ञान के जनक

कब हुआ निधन: 24 जनवरी 1966

कहां: मोंट ब्लांक, स्विस एल्प्स, स्विट्जरलैंड

कैसे: भारत के अग्रणी परमाणु भौतिक विज्ञानी होमी जहांगीर भाभा की 24 जनवरी, 1966 को एअर इंडिया की उड़ान 101 के एक दिल दहला देने वाले हादसे में मौत हो गई। इस हादसे ने महज 56 साल में भारत के परमाणु कार्यक्रम के शिल्पकार की सांसें छीन लीं। यह विमान जिनेवा हवाई यातायात नियंत्रण के साथ गलत संचार की वजह से स्विट्जरलैंड आल्प्स में मोंट ब्लांक में हादसे का शिकार हो गया।

संजय गांधी
कौन: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे, पूर्व सांसद

कब हुआ निधन: 23 जून 1980

कहां: सफदरजंग हवाई अड्डा, नई दिल्ली

कैसे: संजय गांधी सुबह एक प्रशिक्षण उड़ान भर रहे थे। वे खुद विमान उड़ा रहे थे और उनका प्लेन करतब के दौरान नियंत्रण से बाहर होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उनकी उम्र महज 33 वर्ष थी।

माधवराव सिंधिया

कौन: कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री

कब: 30 सितम्बर 2001

कहां: मैनपुरी के पास, उत्तर प्रदेश

कैसे: माधवराव सिंधिया एक राजनीतिक रैली को संबोधित करने के लिए एक चार्टर्ड विमान (बीचक्राफ्ट किंग एयर सेसना C-90) से दिल्ली से उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक रैली के लिए जा रहे थे। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद उनका विमान खराब मौसम और तकनीकी खराबी के चलते उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के मोटला गांव के पास क्रैश हो गया। विमान में आग लग गई और सिंधिया भी नहीं बच पाए। साथ ही एक पत्रकार, पायलट और सह-पायलट की भी मौत हो गई थी।

जीएमसी बालयोगी

कौन: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और तेलुगूदेशम पार्टी (टीडीपी) नेता

कब: 3 मार्च 2002

कहां: कोव्वदलांका गांव के पास, कृष्णा जिला, आंध्र प्रदेश

कैसे: लोकसभा अध्यक्ष रहते हुए जीएमसी बालयोगी एक कार्यक्रम के लिए भारतीय वायुसेना के बेल 206 हेलीकॉप्टर से यात्रा कर रहे थे। हेलीकॉप्टर आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी के कारण नियंत्रण खो बैठा और आपात लैंडिंग की कोशिश में एक दलदली क्षेत्र में क्रैश हो गया। हादसे में बालयोगी, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी और पायलट की मौके पर ही मौत हो गई।

केएस सौम्या सत्यनारायण

कौन: अभिनेत्री, तेलुगू सुपरस्टार, हिंदी फिल्म सूर्यवंशम में भी किया अभिनय

कब हुआ निधन: 17 अप्रैल 2004

कहां: बंगलूरू, कर्नाटक

कैसे: सौंदर्या के नाम से मशहूर दक्षिण भारतीय अभिनेत्री केएस सौम्या 17 अप्रैल, 2004 को सिर्फ 32 साल की उम्र में हवाई दुर्घटना में जान गंवा बैठीं। सूर्यवंशम फिल्म से सुर्खियों में आई सौम्या भाई के साथ करीमनगर जा रही थीं। उनका सेसना 180 एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था।

ओपी जिंदल और सुरेंद्र सिंह

कौन: हरियाणा के ऊर्जा मंत्री, उद्योगपति (ओपी जिंदल) और हरियाणा के कृषि मंत्री और पूर्व सीएम बंशीलाल के बेटे सुरेंद्र सिंह।

कब: 31 मार्च 2005

कहां: सहारनपुर के पेड़ू गांव के पास, उत्तर प्रदेश

कैसे: हरियाणा के कृषि व राजस्व मंत्री सुरेंद्र सिंह एक किंग हेलिकॉप्टर में दिल्ली से चंडीगढ़ लौट रहे थे। सहारनपुर के पास चिकित्सकीय आपात स्थिति के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग के प्रयास के दौरान हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में हरियाणा के ऊर्जा मंत्री ओपी जिंदल और पायलट सहित कुल तीन की मौत हुई।

वाईएस राजशेखर रेड्डी

कौन: आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

कब: 3 सितंबर 2009

कहां: नल्लामला जंगल, कुरनूल जिला, आंध्र प्रदेश

कैसे: आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी एक सरकारी हेलीकॉप्टर बेल 430 से हैदराबाद से चित्तूर जिले के एक कार्यक्रम के लिए उड़ान भर रहे थे। हवाई यात्रा के दौरान उनके हेलीकॉप्टर का संपर्क रडार से टूट गया। भारी बारिश और खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर नल्लामल्ला के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में वाईएसआर के समेत सभी पांच सवारों का निधन हो गया था।

करीब 24 घंटे तक तलाशी अभियान चलने के बाद उनका मलबा और शव बरामद किए गए। इस दुर्घटना में उनके साथ पायलट, को-पायलट, एक मुख्य सचिव और एक सुरक्षा अधिकारी की भी मौत हुई।

दोर्जी खांडू

कौन: अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री

कब: 30 अप्रैल 2011

कहां: तवांग, अरुणाचल प्रदेश

कैसे: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोर्जी खांडू एक पवन हंस AS350 B3 हेलिकॉप्टर में तवांग से इटानगर की उड़ान भर रहे थे। उड़ान के लगभग 20 मिनट बाद हेलिकॉप्टर का संपर्क टूट गया। भारी बारिश एवं खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर 13 हजार फीट की ऊंचाई पर सेला पास के करीब दुर्घटनाग्रस्त हो गया। करीब चार दिन बाद 4 मई 2011 को मलबा और सभी 5 शव पाए गए, जिसमें मुख्यमंत्री, दो पायलट, सुरक्षा अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति शामिल थे।

जनरल बिपिन रावत

कौन: भारत के पहले सीडीएस जनरल

कब हुआ निधन: 8 दिसंबर 2021

कहां: कुन्नूर, तमिलनाडु

कैसे: भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत की 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर के पास एमआई-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वह अपनी पत्नी और 11 अन्य लोगों के साथ सुलू से वेलिंगटन जा रहे थे। इस हादसे में उनकी जीवनसंगिनी मधुलिका राबत समेत कुल 13 लोगों की जान गई। जनरल रावत ने पूर्वोत्तर में उग्रवाद को खत्म करने में अहम योगदान दिया था। उनकी मौत के तीन साल बाद 2024 लोकसभा में रक्षा मामलों की स्थायी समिति की ओर से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि एमआई-17 हादसा मानवीय चूक से हुआ था।

सियासी मियार की रीपोर्ट