शरद पवार को सुनेत्रा के शपथ ग्रहण की जानकारी नहीं, अजित की फिर से एक होने की इच्छा याद आई

मुंबई, 31 जनवरी । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा कि विमान दुर्घटना का शिकार बने उनके भतीजे अजित पवार की पत्नी एवं सांसद सुनेत्रा पवार से जुड़े किसी भी शपथ ग्रहण समारोह के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और इस मामले पर परिवार में कोई चर्चा नहीं हुई।
बारामती में सुबह के समय हुए एक संवाददाता सम्मेलन में श्री पवार ने कहा कि राकांपा के दोनों गुटों के फिर से एक होने का विचार विमान दुर्घटना का शिकार बने उनके भतीजे अजित पवार की इच्छा थी और उनकी पार्टी भी यही चाहती थी।
श्री पवार ने कहा, “अजित पवार की मौत महाराष्ट्र के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और राकांपा (शरद पवार गुट) को फिर से एक करने के बारे में चर्चा कई महीनों से चल रही थी लेकिन दुखद हवाई दुर्घटना के कारण ये चर्चाएं रुक गईं।” उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से अजित पवार और राकांपा (शरद पवार) नेता जयंत पाटिल के बीच फिर से एक होने पर बातचीत चल रही थी लेकिन विमानदुर्घटना के बाद वे चर्चाएं रुक गईं।
राकांपा के नेताओं सर्वश्री प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के “जल्दबाजी में लिए गए फैसलों” के बारे में पूछे जाने पर, राकांपा-(एससीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, “मुझे जो पता है वह यह है कि हमारी पार्टी (एनसीपी-एससीपी) और अजीत पवार की पार्टी (एनसीपी) के एक साथ काम करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, और इस पर जल्द ही फैसला लिया जाना था। हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना-अजीत पवार की मौत-हो गई है।”
श्री पवार ने सुनेत्रा पवार के बारे में सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें “किसी भी शपथ ग्रहण समारोह के बारे में न तो सूचित किया गया और न ही आमंत्रित किया गया। अजीत की मौत के बाद परिवार में कोई चर्चा नहीं हुई थी”। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल मीडिया रिपोर्ट पढ़ी हैं जिनमें कहा गया है कि मुंबई में चर्चा चल रही है, और कहा कि दूसरे गुट के नेतृत्वकर्ता सर्वश्री सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल जैसे नेताओं को अपनी पार्टी के लिए फैसले लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि उन्होंने कोई फैसला लिया है, लेकिन इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
इससे पहले श्रीमती सुनेत्रा पवार अपने दोनों बेटों पार्थ पवार और जय पवार के साथ शनिवार तड़के मुंबई पहुंचीं। सूत्रों के अनुसार, एनसीपी की विधायक दल की बैठक दोपहर दो बजे मुंबई में होनी है, जिसके दौरान पार्टी के विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा। इसके बाद राजभवन में एक छोटा शपथ ग्रहण समारोह होने की उम्मीद है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या अगर फिर से एक होने की बातचीत आगे बढ़ती है तो वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हाथ मिलाने को तैयार हैं, तो श्री पवार ने भाजपा की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अजीत पवार और राकांपा (शरद पवार) नेताओं के बीच बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बारे में कोई बात नहीं हुई थी। उन्होंने अपनी बेटी सुप्रिया सुले या अपने पोते रोहित पवार के लिए मंत्री पद को लेकर किसी भी चर्चा की जानकारी होने से भी इनकार किया।
श्री पवार ने कहा कि परिवार मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देने के लिए एक साथ आते हैं। पहले परिवार स्तर पर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही थी। उन्हें नहीं पता कि आगे क्या होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या घटनाक्रम जल्दबाजी में हो रहे हैं, तो उन्होंने समय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी राजनीतिक रणनीतिकार नरेश अरोड़ा को नहीं जानते, जब उनसे उन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया जिनमें उपमुख्यमंत्री पद से संबंधित चर्चाओं में उनकी भागीदारी का सुझाव दिया गया था। गौरतलब है कि श्री अरोड़ा एक राजनीतिक रणनीतिकार हैं जिन्होंने अजित पवार के राजनीतिक अभियान को डिजाइन करने में मदद की थी।
इस बीच, महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि अगर राकांपा के दोनों गुट फिर से एक हो जाते हैं तो भाजपा खुश होगी। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भाजपा की आलोचना करते हुए उसे एक अवसरवादी पार्टी बताया और कहा कि राज्य शोक में है। उन्होंने कहा कि अगर शनिवार को शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है, तो उनके पास और कुछ कहने के लिए नहीं है।
राकांपा नेता सुनील तटकरे ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या शरद पवार को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत श्री अजित का 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था।
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