बजट में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, बुनियादी ढांचे पर जोर से टायर उद्योग को मिलेगी मदद: एटीएमए

नई दिल्ली, 02 फरवरी। ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एटीएमए) ने सोमवार को कहा कि आम बजट 2026-27 में बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने के सरकार के उपायों से भारतीय टायर उद्योग को लाभ होगा।
एटीएमए ने एक बयान में कहा कि टायर क्षेत्र परिवहन और बुनियादी ढांचे के पारिस्थितिकी तंत्र के प्रदर्शन से गहराई से जुड़ा हुआ है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना दीर्घकालिक मांग वृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत है।
बयान में आगे कहा गया कि पूंजीगत व्यय के अधिक आवंटन से देश भर में भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचे के निर्माण पर सरकार का निरंतर जोर का पता चलता है। विशेष रूप से सड़कों, रेल संपर्क, शहरी आवागमन नेटवर्क और लॉजिस्टिक गलियारे का विकास सभी वाहन श्रेणियों में टायर की मांग बढ़ाएगा।
एटीएमए के चेयरमैन अरुण मम्मेन ने कहा, ‘‘टायर उद्योग की वृद्धि देश में बुनियादी ढांचे के विस्तार की गति से जुड़ी हुई है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाने पर सरकार का ध्यान यात्री और वाणिज्यिक दोनों वाहनों के टायरों की मांग को मजबूती प्रदान करेगा।’’
उन्होंने आगे कहा कि समर्पित मालवहन गलियारे और बेहतर शहरी परिवहन पहल सहित परिवहन तंत्र में बढ़े हुए निवेश से वाहनों के उपयोग और बेड़े के विस्तार में मदद मिलेगी, जिससे देश भर के टायर निर्माताओं को लाभ होगा।
मम्मेन ने कहा कि टायर विनिर्माण क्षेत्र को प्रभावित करने वाले उलट शुल्क ढांचे का पुराना मुद्दा अभी भी अनसुलझा है और उम्मीद है कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल के व्यापक हित में सरकार इस पर विचार करेगी।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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