Tuesday , January 27 2026

शंकराचार्य विवाद में निलंबित हुए सिटी मजिस्ट्रेट अग्निहोत्री के खिलाफ होगी जांच

शंकराचार्य विवाद में निलंबित हुए सिटी मजिस्ट्रेट अग्निहोत्री के खिलाफ होगी जांच

बरेली, 27 जनवरी बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध में इस्तीफा दिए जाने के बाद शासन ने उन पर कड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश शासन ने सिटी मजिस्ट्रेट को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है और पूरे मामले की जांच कमिश्नर को सौंपी गई है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें शामली जिले से संबद्ध (अटैच) कर दिया गया है। 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर पांच पन्नों का भावुक पत्र लिखकर अपने पद से इस्तीफा दिया था। अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे के पीछे यूजीसी के नए कानून और शंकराचार्य के शिष्यों के साथ हुई मारपीट को मुख्य कारण बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में ब्राह्मणों को निशाना बनाया जा रहा है और एक विशेष वर्ग के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इस्तीफे के बाद डीएम आवास पर हुए घटनाक्रम ने भी तूल पकड़ा, जहां उन्होंने दावा किया कि उन्हें वहां 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया और एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। इसके बाद रात 11 बजे उन्होंने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी को इतनी कड़ी मेहनत से अर्जित पद को अपने गुरु के अपमान के कारण त्यागना पड़ा, यह समाज और सरकार के लिए सोचने का विषय है। शंकराचार्य ने देर रात अलंकार अग्निहोत्री से फोन पर बात की और उनके निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि पूरा सनातनी समाज उनके साथ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकारी पद से बड़ा स्थान उन्हें धर्म के क्षेत्र में दिया जाएगा। गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री अपने कार्यकाल के दौरान पहले भी चर्चा में रहे थे। कानपुर के रहने वाले अग्निहोत्री ने जब अपने कार्यालय में भगवान हनुमान की तस्वीर लगाई थी, तब भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए कलेक्ट्रेट में हंगामा किया था। उस दौरान उनकी प्रदर्शनकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई थी। ब्राह्मण समाज और धार्मिक संगठनों के बीच इस इस्तीफे को लेकर काफी चर्चा है, वहीं प्रशासन इसे अनुशासनहीनता की दृष्टि से देख रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सियासी मियार की रीपोर्ट