लेबनान में इजरायल का भीषण हवाई हमला, तीन स्थानीय कमांडरों सहित आठ सदस्यों की मौत

बेरुत, 23 फरवरी । पूर्वी लेबनान में इजराइली सेना द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों में हिज्बुल्लाह के कम से कम आठ सदस्य मारे गए हैं। शनिवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, इन मृतकों में संगठन के कई स्थानीय अधिकारी और महत्वपूर्ण पदों पर आसीन कमांडर शामिल हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस सैन्य कार्रवाई में कुल 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है, हालांकि मंत्रालय की रिपोर्ट में आतंकवादियों और आम नागरिकों के बीच स्पष्ट अंतर नहीं बताया गया है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह हमला शुक्रवार देर रात उत्तरपूर्वी लेबनान के रयाक गांव के समीप एक तीन मंजिला इमारत को निशाना बनाकर किया गया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इमारत की ऊपरी मंजिल पूरी तरह जमींदोज हो गई।
इजराइली सेना ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि बालबेक इलाके में तीन अलग-अलग कमांड केंद्रों पर सटीक हमले किए गए, जिनमें हिज्बुल्लाह की मिसाइल इकाई के कई सक्रिय सदस्य मारे गए हैं। सेना के दावों के मुताबिक, ये सदस्य इजराइल के खिलाफ बड़े हमलों की साजिश रचने, उन्हें अंजाम देने और युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने की गतिविधियों में सीधे तौर पर संलिप्त थे। हिज्बुल्लाह की ओर से भी इस नुकसान को स्वीकार किया गया है। मारे गए लोगों में तीन प्रमुख स्थानीय कमांडरों की पहचान अली अल-मौसावी, मोहम्मद अल-मौसावी और हुसैन याघी के रूप में हुई है। उल्लेखनीय है कि हुसैन याघी, हिज्बुल्लाह के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे मोहम्मद याघी के पुत्र थे, जिनका पिछले वर्ष निधन हो गया था।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी लेबनान पर हुए इन हमलों में कुल 10 लोगों की जान गई और 24 अन्य घायल हुए हैं। घायलों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। रयाक अस्पताल के प्रबंधन ने बताया कि सूर्यास्त के बाद हुए इस हमले के बाद अस्पताल में 10 शव और 21 घायल लाए गए। मृतकों और घायलों में सीरियाई और इथियोपियाई नागरिक भी शामिल हैं, जो संभवतः वहां श्रमिक या निवासी के रूप में मौजूद थे। युद्धविराम की औपचारिकताओं के बावजूद, इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। इजराइल लगातार हिज्बुल्लाह के ठिकानों और उसके नेतृत्व को निशाना बना रहा है। अब तक इस संगठन के दर्जनों कमांडर इजराइली हमलों में मारे जा चुके हैं। इजराइल का स्पष्ट रुख है कि वह अपनी सीमाओं के पास किसी भी कट्टरपंथी संगठन की सक्रियता को बर्दाश्त नहीं करेगा। हिज्बुल्लाह और हमास के बीच बढ़ते तालमेल को देखते हुए इजराइल ने अपनी सैन्य कार्रवाइयों को और तेज कर दिया है, जिसका ताजा उदाहरण पूर्वी लेबनान में हुआ यह भीषण हमला है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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