रूस के खिलाफ हमले में अमेरिकी तेल हितों पर असर पड़ा, अमेरिका ने जताई चिंता: यूक्रेन की राजदूत

अमेरिका में यूक्रेन की मुख्य दूत ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग ने काला सागर स्थित रूसी बंदरगाह नोवोरोस्सियस्क पर यूक्रेन के उन हालिया हमलों को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है, जिनसे कजाकिस्तान में अमेरिकी तेल हितों पर असर पड़ा है।
राजदूत ओल्गा स्टेफनिशिना ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के चार साल पूरे होने के मौके पर अमेरिका की चिंता को रेखांकित किया।
स्टेफनिशिना ने वाशिंगटन में पत्रकारों से कहा, ‘‘यह पहल यूक्रेन को रूसी सैन्य और ऊर्जा अवसंरचना पर हमला करने से रोकने के लिए प्रोत्साहित करने से संबंधित नहीं थी। यह इस तथ्य से संबंधित थी कि इससे अमेरिकी आर्थिक हित प्रभावित हुए थे। ऐसा हुआ था और हमने इस पर संज्ञान लिया है।’’
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
‘कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम’ उत्तर-पश्चिमी कजाकिस्तान में कैस्पियन सागर तट से नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह तक एक पाइपलाइन का संचालन करता है। यह पाइपलाइन कजाकिस्तान के तीन प्रमुख तेल क्षेत्रों से कच्चे तेल के निर्यात का एक बड़ा हिस्सा संभालती है, जिनमें प्रमुख अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों, शेवरॉन और एक्सॉनमोबिल की हिस्सेदारी है।
प्रमुख औद्योगिक देशों के जी7 समूह ने मंगलवार को युद्ध के चार साल पूरे होने पर एक बयान जारी कर यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता, अस्तित्व के अधिकार, स्वतंत्रता, संप्रभुता और स्वाधीनता की रक्षा के लिए अपने अटूट समर्थन की पुष्टि की। बयान में रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता कराने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की भी सराहना की गई।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मंगलवार को यूक्रेन के समर्थन में एक प्रस्ताव भी पारित किया, लेकिन अमेरिका उन 51 देशों में से एक था जिन्होंने मतदान में भाग नहीं लिया।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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