एआई क्षेत्र में संभावित प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में सीसीआई: चेयरपर्सन

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की चेयरपर्सन रवनीत कौर ने सोमवार को कहा कि आयोग कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में उभरने वाली प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयार कर रहा है जिनमें एल्गोरिथम संबंधी मिलीभगत भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि निगरानी संस्था खेल, नागर विमानन, ‘पेंट व वार्निश’ तथा मद्य क्षेत्रों में भी प्रतिस्पर्धा-विरोधी मामलों की जांच कर रही है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) बाजार में अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर नजर रखता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ …हम कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में उभरने वाली किसी भी प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं।’’
कौर ने कहा, ‘‘ हमने संभावित प्रतिस्पर्धा-विरोधी गतिविधियों की पहचान की है… जिसमें कृत्रिम मेधा (एआई) की मूल्य श्रृंखला में अत्यधिक केंद्रीकरण शामिल हो सकता है। इसमें एल्गोरिथम आधारित मिलीभगत, लक्षित मूल्य भेदभाव, स्वयं को प्राथमिकता देना या कृत्रिम मेधा (एआई) में किसी प्रकार की अपारदर्शिता शामिल हो सकती है।’’
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने पिछले वर्ष कृत्रिम मेधा (एआई) और प्रतिस्पर्धा पर एक बाजार अध्ययन भी जारी किया था।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित प्रतिस्पर्धा कानून के अर्थशास्त्र पर 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन में आयोग की चेयरपर्सन ने कहा कि नियामक के पास आए करीब 90 प्रतिशत प्रतिस्पर्धा-विरोधी मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमें हर क्षेत्र से प्रतिस्पर्धा-विरोधी मामलों की जानकारी मिलती है। आयोग को कुल 1,360 प्रतिस्पर्धा-विरोधी सूचनाएं प्राप्त हुई हैं और इनमें से 1,211 मामलों का निपटारा किया जा चुका है।’’
इस मौके पर में नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने कहा कि विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए एक मजबूत प्रतिस्पर्धा व्यवस्था आवश्यक है।
उन्होंने प्रतिस्पर्धा कानून के संदर्भ में अतिवाद और अत्यधिक नियमन से बचने और संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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