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धमाकों से दहला तुर्की, दो इमारतें ढही, एक की मौत और कई घायल

धमाकों से दहला तुर्की, दो इमारतें ढही, एक की मौत और कई घायल

इस्तांबुल, 24 मार्च। इस्तांबुल के फातिह जिले में गैस विस्फोट से दो इमारतें ढह गईं, एक व्यक्ति की मौत और कई घायल हुए। बचाव जारी है, जबकि मिडिल ईस्ट तनाव से तेल कीमतें प्रभावित हैं।

तुर्की के इस्तांबुल के फातिह जिले में रविवार को प्राकृतिक गैस विस्फोट की एक गंभीर घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनी गई। विस्फोट के कारण दो इमारतें पूरी तरह ढह गईं। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए।

घटना के तुरंत बाद बचाव और राहत कार्य शुरू किया गया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू टीमों ने तेजी से काम किया। इस्तांबुल के गवर्नर दावुत गुल ने जानकारी दी कि बचाव दल ने मलबे से 10 घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

गैस रिसाव के कारण हुआ धमाका
गवर्नर गुल ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ अस्पताल जाकर घायलों का हाल भी जाना। अधिकारियों के अनुसार, ढही हुई इमारतों में से एक दो मंजिला थी, जबकि दूसरी एक मंजिला थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट एक इमारत में दोपहर के समय हुआ, जो संभवतः प्राकृतिक गैस रिसाव के कारण हुआ। इस विस्फोट के प्रभाव से पास की दूसरी इमारत भी ढह गई।

दशकों पुरानी है इमारतें
फातिह जिला लंबे समय से भवन सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। यहां की अधिकांश इमारतें कई दशक पुरानी हैं और आधुनिक भूकंपीय मानकों के अनुरूप नहीं बनी हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है।

मिडिल ईस्ट में तनाव जारी
2026 में मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ गया है। मुख्य संघर्ष ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच है। इजरायल और अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए। स्थिति अब क्षेत्रीय युद्ध जैसी बनती जा रही है।

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। इसके चलते पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल बना हुआ है। साथ ही इस युद्ध का असर दुनियाभर के देशों में तेल और गैस की कीमतें पर रहा है। शेयर बाजार अस्थिर हैं और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। भारत जैसे देशों पर भी इसका असर पड़ रहा है, खासकर ईंधन कीमतों और आयात पर।

सियासी मियार की रीपोर्ट