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सरकार की पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर, देश में ऊर्जा और खाद्य भंडारों की पुख्ता व्यवस्था

सरकार की पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर, देश में ऊर्जा और खाद्य भंडारों की पुख्ता व्यवस्था

नई दिल्ली, पश्चिम एशिया की निरंतर बदल रही स्थिति के बीच सरकार ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा, ईंधन आपूर्ति, भारतीय नागरिकों तथा समुद्री परिसंपत्तियों की सुरक्षा पर कड़ी नजर रखी जा रही है और देश में खाद्य और ऊर्जा उत्पादों के पर्याप्त भंडार और पुख्ता व्यवस्था है।

पश्चिम एशिया से एलपीजी लेकर आ रहे भारतीय ध्वज वाले पोत ‘ग्रीन संघवी’ और ‘ग्रीन आशा’ पिछले दो दिनों में सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं। एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त है और मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त खेप पहले ही सुनिश्चित कर ली गई हैं।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न स्थिति की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त है और मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त खेप पहले ही सुनिश्चित कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि तेल और गैस कंपनियाँ स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं तथा राज्यों द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि वितरण सुचारु रहे और जमाखोरी या कालाबाजारी को रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि एलपीजी वितरण केंद्रों पर किसी प्रकार की कमी नहीं है और व्यापक स्तर पर आपूर्ति कार्य जारी है। प्रतिदिन लगभग 50 लाख गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है, जिसमें ऑनलाइन बुकिंग का प्रतिशत 97 तक पहुँच गया है। आपूर्ति में गड़बड़ी रोकने के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन लगभग 90 प्रतिशत वितरण में लागू किया जा चुका है। निर्बाध सेवा सुनिश्चित करने के लिए वितरक छुट्टियों और रविवार को भी कार्य कर रहे हैं।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की संयुक्त सचिव सी. शिखा ने कहा कि देश का खाद्यान्न भंडार “संतोषजनक और निर्धारित बफर मानकों से काफी अधिक” है। अभी लगभग 222 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 380 लाख मीट्रिक टन चावल का भंडार उपलब्ध है, जो कुल मिलाकर लगभग 602 लाख मीट्रिक टन है जो निर्धारित आवश्यकता का लगभग तीन गुना है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से कमजोर वर्गों को निरंतर सहायता दी जा रही है, जबकि खुला बाजार बिक्री योजना के तहत नियंत्रित रूप से अनाज जारी कर कीमतों को स्थिर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और राज्यों को अतिरिक्त वितरण के लिए रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद राज्य एजेंसियों के माध्यम से शुरू हो चुकी है और इसकी तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। सुचारु खरीद सुनिश्चित करने के लिए पैकेजिंग सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता भी विविध स्रोतों और आकस्मिक योजनाओं के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने समुद्री संचालन पर जानकारी देते हुए बताया कि अभी 433 भारतीय नाविकों के साथ भारतीय ध्वज वाले 16 समुद्री पोत पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी भी पोत से संबंधित कोई घटना सामने नहीं आई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने क्षेत्र में कूटनीतिक प्रयास और निकासी अभियान तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर और संयुक्त अरब अमीरात के अपने समकक्षों से बातचीत की है, जबकि ईरान के विदेश मंत्री से भी वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई है।

भारत ने आर्मेनिया और अजरबैजान के माध्यम से ईरान से 1,777 भारतीय नागरिकों को निकाला है, जिनमें 895 छात्र और 345 मछुआरे शामिल हैं। इनमें से 1,545 लोग आर्मेनिया और 234 लोग अजरबैजान के रास्ते निकाले गये। उन्होंने कहा कि कई लोग अपने घर लौट चुके हैं, जबकि मछुआरे 4 अप्रैल को चेन्नई पहुँचे। भारत ने बंगलादेश और श्रीलंका के दो विदेशी नागरिकों को भी निकालने में सहायता की और इसके लिए ईरान, आर्मेनिया तथा अजरबैजान का आभार व्यक्त किया।

सरकार ने दोहराया कि वह सभी क्षेत्रों में सतर्क है और आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखने, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए समन्वित कदम उठा रही है।

सियासी मियार की रीपोर्ट