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स्टॉक मार्केट में विविड इलेक्ट्रोमेक की प्रीमियम एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

स्टॉक मार्केट में विविड इलेक्ट्रोमेक की प्रीमियम एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली मीडियम वोल्टेज इलेक्ट्रिकल पैनल तथा ऑटोमेशन सिस्टम बनाने वाली कंपनी विविड इलेक्ट्रोमेक के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मामूली प्रीमियम के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 555 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 1.80 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 565 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयर उछल कर 593.25 रुपये के स्तर तक पहुंच गए। हालांकि बाद में मुनाफा वसूली होने पर इसके भाव में गिरावट आ गई। दोपहर 11:50 बजे तक कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 567 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह से अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 12 रुपये यानी 2.16 प्रतिशत के फायदे में थे।

विविड इलेक्ट्रोमेक का 130.54 करोड़ रुपये का आईपीओ 25 से 30 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.06 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.95 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.50 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.36 गुना सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 105 करोड़ रुपये के 18.84 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा 25.54 करोड़ रुपये के 4.68 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयर की बिक्री नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को छह लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.28 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 20.24 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 9.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 59.63 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 89.55 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 155.77 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 70.89 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 6.47 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 4.77 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में और कम होकर 4.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 14.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.38 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.98 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 27.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 37.03 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 14.94 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 18.05 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 38.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 44.23 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 7.18 करोड़ रुपये और 2024-25 में 28.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 13.50 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

सियासी मियार की रीपोर्ट