मिडिल ईस्ट तनाव और आरबीआई फैसले से स्थानीय शेयर बाजार में गिरावट

मुंबई, मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू स्तर पर नीतिगत अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कमजोरी देखने को मिली। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और नए निवेश से दूरी बना रहे हैं। मंगलवार सुबह कारोबार के दौरान भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आया। करीब 10 बजे के आसपास निफ्टी 86 अंक गिरकर 22,882 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। वहीं बीएसई सेंसेक्स 276 अंक टूटकर 73,869 के आसपास पहुंच गया। वहीं भारतीय बाजार सोमवार को हरे निशान पर बंद हुआ। 30 शेयरों का सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 787.30 अंकों की बढ़त के साथ 74,106.85 के स्तर पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 255.15 अंकों की बढ़त के साथ 22,968.25 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। खासतौर पर स्ट्रेट आफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी बाधा का असर सीधे कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान को लेकर सख्त चेतावनी ने वैश्विक बाजारों में घबराहट बढ़ाई है। संभावित सैन्य कार्रवाई और सप्लाई बाधित होने की आशंका से निवेशक सतर्क बने हुए हैं। घरेलू स्तर पर भी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि रिजर्व बैंक आफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। सेक्टोरल आधार पर ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया और निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत टूट गया। बैंकिंग और पीएसयू बैंक शेयरों में भी कमजोरी रही। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि गिरते बाजार में मेटल और मीडिया सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर कुछ राहत दी।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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