बोलीविया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों से संकट गहराया, अमेरिका ने कहा वह सरकार के साथ

ला पाज़/बोगोटा, बोलीविया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सड़कों पर की गई नाकेबंदी के लगातार दूसरे हफ्ते में प्रवेश करने के साथ ही देश में राजनीतिक और आर्थिक संकट गहरा गया है।
मध्य-दक्षिणपंथी राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज़ परेरा के महज छह महीने के कार्यकाल का यह अब तक का सबसे अशांत दौर है। उन्होंने देश में वामपंथी दल ‘मोविमिएंटो अल सोशलिज्मो’ के लगभग दो दशक पुराने शासन को समाप्त कर सत्ता संभाली थी और अमेरिका इस सरकार का समर्थन करता है।
पूर्व सीनेटर रहे रोड्रिगो पाज़ परेरा ने पद संभालते ही जो शुरुआती बड़े कदम उठाए थे, उनमें से एक अमेरिका के साथ संबंधों को फिर से बहाल करना था। यही वजह है कि अमेरिका अब बोलीविया में हो रहे इन हिंसक विद्रोहों को राष्ट्रपति पाज़ परेरा के खिलाफ एक “जारी तख्तापलट” के रूप में देख रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया पर इस संकट को लेकर देश की मजबूत स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका पूरी मजबूती के साथ बोलीविया की वैध संवैधानिक सरकार के समर्थन में खड़ा है। हम अपराधियों और मादक पदार्थों के तस्करों को हमारे गोलार्ध में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नेताओं को उखाड़ फेंकने की अनुमति नहीं देंगे।”
इस आंतरिक अशांति के बीच, बोलीविया के राष्ट्रपति ने बुधवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए ला पाज़ में तैनात कोलंबिया की राजदूत एलिजाबेथ गार्सिया को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दे दिया, जिससे एक नया राजनयिक संकट खड़ा हो गया है। बोलीविया सरकार ने यह कार्रवाई कोलंबिया के वामपंथी राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की हालिया टिप्पणियों के जवाब में की है, जिन्होंने बोलीविया के मौजूदा घटनाक्रम को एक “जन विद्रोह” बताया था। बोलीविया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला देश की संप्रभुता और आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप के सिद्धांतों की रक्षा के लिए लिया गया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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