एफपीआई ने मई में अब तक भारतीय पूंजी बाजार से निकाले 25,472 करोड़ रुपये

एफपीआई ने मई में अब तक भारतीय पूंजी बाजार से निकाले 25,472 करोड़ रुपये

मुंबई, 25 मई विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मई में अब तक भारतीय पूंजी बाजार से 25,472 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की है।

शुद्ध निकासी एफपीआई द्वारा बाजार में लगाई गई पूंजी और बाजार से निकाली गई पूंजी का अंतर है।

एफपीआई का इक्विटी में निवेश मई में 30,374 करोड़ रुपये कम हो गया। म्यूचुअल फंड में भी उनके निवेश में कमी आई है जबकि डेट और हाइब्रिड उपकरणों में उन्होंने पैसे लगाये हैं। म्यूचुअल फंड में एफपीआई का निवेश शुद्ध रूप से 702 करोड़ डॉलर घट गया। वहीं, डेट में उनका निवेश 4,563 करोड़ रुपये बढ़ा है। हाइब्रिड में उन्होंने 1,036 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है।

यह लगातार तीसरा महीना है जब एफपीआई बिकवाल बने हुए हैं। इससे पहले अप्रैल में उन्होंने 70,786 करोड़ रुपये और मार्च में रिकॉर्ड 1,26,991 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी। फरवरी में उन्होंने बाजार में निवेश बढ़ाया था जबकि जनवरी में भी वे बिकवाल रहे थे।

इस साल अब तक एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजार से शुद्ध रूप से 2,14,473 करोड़ रुपये निकाले हैं। इक्विटी में उनका बिकवाल बने रहना इसका सबसे बड़ा कारण है। इस कैलेंडर वर्ष में अब तक एफपीआई इक्विटी से 2,22,343 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी कर चुके हैं।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेडे के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार का कहना है कि एफपीआई इस साल अबतक 2,22,343 करोड़ रुपये इक्विटी से निकाल चुके हैं जो साल 2025 में पूरे साल की 1,66,283 करोड़ रुपये की निकासी से भी अधिक है। देश में निवेश पर कम रिटर्न मिलने और दूसरे देशों में ज्यादा रिटर्न की संभावना के कारण वे निकासी कर रहे हैं। साथ ही अमेरिका में बॉन्ड पर अच्छा रिटर्न मिल रहा है।

इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार गिरावट और आने वाले समय में इसके और टूटने के डर से भी वे भारतीय बाजार से पैसे निकाल रहे हैं। खास बात यह है कि एफपीआई जहां बड़ी कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, वहीं वे छोटी और मझौली कंपनियों में पैसा लगा रहे हैं।

सियासी मियार की रीपोर्ट