भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू होगा, 99 प्रतिशत निर्यात पर ब्रिटेन में लगेगा शून्य शुल्क
नई दिल्ली,। भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता और सामाजिक सुरक्षा समझौता जिसे दोहरा अंशदान समझौता भी कहा जाता है, आगामी 15 जुलाई से लागू होंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ मुलाकात के बाद इसकी घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए 15 जुलाई 2026 से समझौते को लागू करने बनी सहमति की जानकारी दी और इसे दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
श्री मोदी ने कहा कि इससे भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को काफी बढ़ावा मिलेगा। भारतीय किसानों, कामगारों, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम), स्टार्टअप और नवाचार के लिए कई नये अवसर पैदा होंगे और विकसित भारत 2047 को साकार करने में इसकी सार्थक भूमिका होगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दोनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा कि अगली पीढ़ी के इस समझौते से भारत से निर्यात के लिए महत्वपूर्ण नये अवसर पैदा होंगे। इससे भारतीय कपड़ा, चमड़ा, समुद्री उत्पादों, इंजीनियरिंग और प्रसंस्कृत खाद्य सेक्टर को समान अवसर मिलेंगे।
भारत-ब्रिटेन व्यापक व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी पर दोनों देशों ने पिछले वर्ष हस्ताक्षर किये थे। इसके तहत भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात पर ब्रिटेन में शून्य-शुल्क लगेगा।
दोहरा अंशदान समझौता के तहत ब्रिटेन में अस्थाई रूप से कार्यरत भारतीय कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं को दोहरे सामाजिक सुरक्षा अंशदान से छूट मिलेगी। इससे ब्रिटेन में काम कर रहे 75 हजार से अधिक भारतीय पेशेवर और उनके 900 से अधिक नियोक्ता लाभान्वित होंगे। छूट की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है। यह अस्थाई रूप से विदेश में कार्यरत भारतीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे ब्रिटेन में कार्यरत भारतीय पेशेवरों की गतिशीलता और प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूती मिलेगी।
आर्थिक एवं व्यापार समझौते के माध्यम से 137 उप-क्षेत्रों में सेवा निर्यात का भी विस्तार होगा। इनमें आईटी/आईटीईएस, पेशेवर सेवाएं, शिक्षा और व्यावसायिक सेवाएं शामिल हैं।
दोनों पक्षों के बीच 14 दौर की गहन वार्ता के बाद इस व्यापार समझौते को 06 मई 2025 को अंतिम रूप दिया गया था। श्री गोयल और ब्रिटेन के व्यापार एवं व्यवसाय सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स ने श्री मोदी और श्री स्टार्मर की उपस्थिति में 24 जुलाई 2025 को लंदन में इस समझौते पर हस्ताक्षर किये। डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन पर इसके बाद 10 फरवरी 2026 को हस्ताक्षर किये गये।
समझौते से लागू होने के बाद प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों पर 70 प्रतिशत तक का शुल्क समाप्त हो जायेगा। समुद्री उत्पादों पर 21.5 प्रतिशत तक का, इंजीनियरिंग वस्तुओं और वाहनों के कलपुर्जों पर 18 प्रतिशत तक का और जूते-चप्पल तथा चमड़े के अन्य उत्पादों पर 16 प्रतिशत तक का शुल्क समाप्त हो जायेगा। वस्त्र एवं परिधान पर 12 प्रतिशत तक का और रसायन एवं फार्मास्यूटिकल उत्पादों पर आठ प्रतिशत तक का शुल्क समाप्त हो जायेगा।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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