बंगलादेश-पाकिस्तान ऑटो डील : बंगलादेशी उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा और मूल्य पर उठे सवाल

ढाका, बंगलादेश और पाकिस्तान नेअपनी बढ़ती साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए एक व्यावसायिक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं, जिसके तहत इस्लामाबाद बंगलादेश को स्थानीय स्तर पर असेंबल किये गये यात्री वाहनों का निर्यात करेगा।
इस सौदे के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या ये वाहन सुरक्षा, गुणवत्ता, कीमत, विश्वसनीयता और बिक्री के बाद की सेवाओं के मामले में भारत, जापान और दक्षिण कोरिया की कारों का मुकाबला कर पायेंगे।यह समझौता 31 जुलाई 2026 को ‘एमजी जेडब्ल्यू ऑटोमोबाइल पाकिस्तान’ और हालांकि के ‘रैंकोन ग्रुप’ के बीच हुआ था। यह पाकिस्तान के ऑटोमोटिव इतिहास में यात्री कारों का पहला बड़े पैमाने पर निर्यात समझौता है।
‘बिजनेस स्टैंडर्ड बीडी’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत 2026 के शेष समय में 100 इकाइयों के एक पायलट बैच की डिलीवरी की जायेगी और 2030 तक 5,800 वाहनों के लक्ष्य को पूरा करने के लिए इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जायेगा। यह समझौता अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से ढाका और इस्लामाबाद के बीच सुधरते कूटनीतिक संबंधों के बीच सामने आया है। ऑटोमोटिव नीति विशेषज्ञों ने हालांकि सरकार से आग्रह किया है कि वह पाकिस्तान में असेंबल होकर आने वाली एमजी गाड़ियों को सख्त सुरक्षा, उत्सर्जन और गुणवत्ता जांच के दायरे में रखे।
‘डेली सन’ के अनुसार, इस ऑटो डील ने इस बात पर बहस छेड़ दी है कि क्या अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा बंगलादेशी कार खरीदारों को बेहतर मूल्य, सुरक्षा और विकल्प प्रदान कर सकती है। यह समझौता पाकिस्तान के काफी छोटे ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण निर्यात अवसर है, लेकिन उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि ढाका को शुरुआती खेप को एक व्यावसायिक मूल्यांकन के रूप में देखना चाहिए। कूटनीतिक विचारों के बजाय बाजार में प्रदर्शन और उपभोक्ता मूल्य के आधार पर यह तय होना चाहिए कि इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाये या नहीं। गुणवत्ता निगरानी प्रमुख चिंता बनी हुई है। पाकिस्तान में 2025 की एक संसदीय चर्चा के दौरान, सांसदों को बताया गया था कि निर्माता 200 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त वाहन सुरक्षा मानकों में से केवल 18 का ही पालन करते हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, हालांकि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मानकों से जुड़े सख्त नियम लागू किये हैं, लेकिन हालांकि को बड़े पैमाने पर आयात की अनुमति देने से पहले प्रत्येक मॉडल के लिए अनुपालन का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करने की आवश्यकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े पैमाने पर आयात को मंजूरी देने से पहले बंगलादेश को सुरक्षा उपकरण, बिक्री के बाद की सहायता और स्पेयर-पार्ट्स की उपलब्धता सहित कई कारकों पर स्पष्ट आश्वासन मांगना चाहिए।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मूल्यांकन में एयरबैग, एबीएस और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल की मानक उपलब्धता के साथ-साथ वारंटी कवरेज और अन्य सुरक्षा सुविधाओं को शामिल किया जाना चाहिए। ढाका के बाहर प्रशिक्षित तकनीशियनों और नैदानिक उपकरणों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होगी, खासकर जब बंगलादेशी सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ती है। उतनी ही महत्वपूर्ण बात महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स की तुरंत आपूर्ति करने और वारंटी दावों व संभावित रिकॉल को कुशलतापूर्वक संभालने की क्षमता होगी।बंगलादेश को पाकिस्तान समझौते से बने अवसरों का उपयोग व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए भी करना चाहिए।
‘डेली सन’ का कहना है कि यदि भारतीय निर्माता प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कॉम्पैक्ट कार पेश कर सकते हैं, या चीनी निर्माता अधिक किफायती इलेक्ट्रिक वाहन प्रदान कर सकते हैं, तो उन प्रस्तावों का भी उन्हीं शर्तों पर मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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