पांव में खिंचाव के कारण युकी भांबरी का कोरिया के खिलाफ डेविस कप में खेलना संदिग्ध
नई दिल्ली, अमेरिकी ओपन में मैच से पहले अभ्यास के दौरान दाहिने पांव में खिंचाव आने के कारण भारत के युकी भांबरी का सोल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ डेविस कप टेनिस टूर्नामेंट के मुकाबले में खेलना संदिग्ध है। भांबरी बृहस्पतिवार की रात को कोरिया के लिए रवाना हुए भारतीय खिलाड़ियों के पहले बैच के साथ सोल नहीं गए। इससे उनके इस महत्वपूर्ण मुकाबले में खेलने को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इस मुकाबले में जीत दर्ज करने वाली टीम आठ टीमों के एलीट डेविस कप फाइनल में अपनी जगह पक्की करेगी। भांबरी ने इसे मामूली मोच बताया। इस भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि इस महीने के आखिर में शुरू वाले एशियाई खेलों में उनकी भागीदारी को कोई खतरा नहीं है। भांबरी ने कहा, ‘‘अमेरिकी ओपन में मुख्य ड्रॉ के मैच से पहले अभ्यास के दौरान मेरे पांव में खिंचाव आ गया था। यह मामूली चोट है। मेरे पूरी तरह फिट होने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं है, लेकिन यह कोई गंभीर चोट नहीं है।’’ भांबरी की स्थिति पर प्रतिदिन नजर रखी जा रही है। वह अपनी फिटनेस का आकलन करने के लिए देबाशीष दास और यश पांडे सहित भारतीय डेविस कप टीम के सहयोगी स्टाफ के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अभी भी दर्द है। हमें दिन प्रतिदिन इसका आकलन करना होगा। देखते हैं कि आगे क्या होता है।’’ इस चोट से हालांकि भांबरी की एशियाई खेलों में भागीदारी खतरे में पड़ने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से एशियाई खेलों में भाग लूंगा। तब तक मैं पूरी तरह फिट हो जाऊंगा। यह देखना बाकी है कि मैं डेविस कप में खेल पाऊंगा या नहीं।’’ यदि भांबरी समय पर ठीक नहीं हो पाते हैं तो भारत युगल में वैकल्पिक संयोजनों पर विचार कर सकता है। इसमें एन श्रीराम बालाजी और एकल विशेषज्ञ दक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी बनाना भी शामिल है। सिद्धार्थ रावत और अर्नव पपार्कर टीम में रिजर्व खिलाड़ी हैं, लेकिन वे एकल में खेलते हैं। अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के सूत्रों के अनुसार कप्तान रोहित राजपाल के अनुरोध पर बाएं हाथ के खिलाड़ी अनिरुद्ध चंद्रशेखर को सोल में टीम से जुड़ने के लिए कहा जा चुका है। उनके पास कोरिया का वीजा भी है। एआईटीए ने निकी पूनाचा के लिए भी वीजा का आवेदन किया है। भांबरी ने कहा, ‘‘हम युगल में कोरिया को हराने में सक्षम हैं। भारत में युगल खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है।’’ स्पोर्ट्स 01 क्षेत्ररक्षण चिंता का विषय नहीं, भारत एशिया कप फाइनल के लिए तैयार है: दीप्ति शर्मा दुबई, 11 सितंबर (वेब वार्ता)। भारत की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में अब तक के शानदार प्रदर्शन के बावजूद खराब क्षेत्ररक्षण को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि कैच छूटना खेल का हिस्सा है और टीम फाइनल में हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत ने इस टूर्नामेंट में अभी तक अपने सभी मैच जीते हैं लेकिन उसका क्षेत्ररक्षण अच्छा नहीं रहा है। विशेषकर उसने कई कैच छोड़े। सेमीफाइनल में भी बांग्लादेश के खिलाफ भारतीय टीम ने चार मौके गंवाए थे। दीप्ति ने भारत की सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ 40 रन की जीत के बाद कहा, ‘‘क्षेत्ररक्षण में एक टीम के तौर पर हम अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हम अभ्यास के दौरान भी क्षेत्ररक्षण पर काफी ध्यान दे रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि कभी-कभी ऐसा होता है, लेकिन हम फाइनल में तीनों विभागों में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।’’ फाइनल में भारत का सामना अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान या मौजूदा चैंपियन श्रीलंका से होगा। दीप्ति ने कहा कि टीम इन दोनों टीमों के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल को देखने के बाद अपनी रणनीति बनाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘इस मैच के बाद हम कल बैठक करेंगे। इससे हमें फाइनल के लिए रणनीति बनाने में और अधिक मदद मिलेगी।’’ दीप्ति ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए छह गेंदों में 13 रन बनाए और फिर गेंदबाजी करते हुए 36 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मुझे बल्लेबाजी का मौका मिलता है, मुझे हमेशा भरोसा रहता है कि मैं बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकती हूं। मैं हमेशा टीम के लिए एक ऑलराउंडर के तौर पर योगदान देना चाहती हूं।’’ श्रीलंका में लय नहीं बन पा रही थी, दलीप ट्रॉफी में लंबे स्पेल करने से फायदा मिला: सिराज चेन्नई, 11 सितंबर (वेब वार्ता)। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने स्वीकार किया कि दो महीने के विश्राम के बाद उन्हें श्रीलंका दौरे में अपनी गति और लय हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा था लेकिन दलीप ट्रॉफी में लंबे स्पेल करने से उन्हें अपनी लय हासिल करने में मदद मिली है। सिराज श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच की श्रृंखला के दौरान अपनी पुरानी फॉर्म में नहीं दिखे। वह लय हासिल नहीं कर पा रहे थे और उनकी गति भी काफी कम हो गई थी। सिराज ने इस श्रृंखला की चार पारियों में केवल 44 ओवर किए थे। सिराज ने दलीप ट्राफी फाइनल के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘दो महीने के ब्रेक के बाद सीधे मैच खेलना आसान नहीं था। मैं पूरी तरह से लय हासिल नहीं कर पाया था। मैं ऐसा गेंदबाज हूं जो पूरी तरह से लय पर निर्भर है। अगर मैं लय में नहीं हूं, तो अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘श्रीलंका में यही मेरी समस्या थी। मैं अपने रनअप से तालमेल नहीं बिठा पा रहा था। मेरे कुछ कदम बहुत छोटे थे, कुछ बहुत लंबे। इससे मेरी लय टूट गई और मेरी गति धीमी हो गई।’’ अफगानिस्तान के खिलाफ आठ जून को समाप्त हुए एकमात्र टेस्ट मैच के बाद 32 वर्षीय सिराज ने दो महीने का ब्रेक लिया और फिर भारत के श्रीलंका दौरे के लिए टीम में शामिल हुए। इस दौरे की शुरुआत सात अगस्त को एसएलसी एकादश के खिलाफ मैच से हुई। सिराज ने हालांकि पूर्व क्षेत्र और दक्षिण क्षेत्र के बीच खेले गए दलीप ट्रॉफी के फाइनल में 41 ओवर किए और इस दौरान अपनी लय हासिल की। उन्होंने कहा, ‘‘यहां सब कुछ सही हो गया है और मैं अपनी पुरानी गति से गेंदबाजी करने लग गया हूं। यह बहुत मुश्किल था। हम सीधे श्रीलंका से आए थे, जहां हमने दूसरे टेस्ट (कोलंबो में) में तीन दिन से अधिक समय तक फील्डिंग की थी। इसके बाद हमें एक सप्ताह के अंदर चेन्नई की भीषण गर्मी में खेलना पड़ा।’’ सिराज ने कहा, ‘‘लेकिन मेरे लिए यह जुनून पर निर्भर करता है। जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं तो आप बहाने नहीं बना सकते। आपको अपनी टीम और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करना होगा।’’ दलीप ट्रॉफी के फाइनल की पहली पारी में सिराज की पूर्वी क्षेत्र के बल्लेबाजों ने जमकर धुनाई की। सिराज ने 25 ओवरों में 140 रन लुटाए और उन्हें विकेट लेने के लिए दूसरी पारी तक इंतजार करना पड़ा। सिराज हालांकि इससे चिंतित नहीं हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भले ही आज मुझे विकेट न मिले हों, लेकिन मेरी यह मेहनत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रंग लाएगी। मैं अपनी लय हासिल करने के लिए ही इस मैच में खेला। इससे मुझे काफी फायदा मिला है। इस मैच को खेलने से मेरा शरीर फिर से सक्रिय हो गया और मैंने लय हासिल कर ली है।’’ स्पोर्ट्स 02-03 सबालेंका खिताबी हैट्रिक से एक जीत दूर, फाइनल में रायबाकिना से भिड़ेंगी न्यूयॉर्क, 11 सितंबर (वेब वार्ता)। एरिना सबालेंका जानती हैं कि अमेरिकी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के बाद वह विश्व की नंबर एक महिला खिलाड़ी नहीं रह जाएगी लेकिन उनका लक्ष्य अब एलेना रायबाकिना को हराकर वर्ष के अंतिम ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में खिताबी हैट्रिक पूरा करना होगा। रायबाकिना फाइनल में हारने पर भी सोमवार को शीर्ष रैंकिंग हासिल कर लेगी। रायबाकिना ने सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ ही विश्व रैंकिंग में नंबर एक स्थान अपने नाम पर सुनिश्चित कर दिया था लेकिन उनके लिए महिला एकल का खिताब जीतना आसान नहीं होगा क्योंकि पिछली दो बार की चैंपियन सबालेंका लगातार तीसरा खिताब जीतने के लिए प्रतिबद्ध दिखती हैं। अमेरिकी ओपन में महिला वर्ग में आखिरी बार सेरेना विलियम्स ने 2012 से लेकर 2014 तक चैंपियन बनकर खिताबी हैट्रिक पूरी की थी। सबालेंका ने कहा, ‘‘मैं फाइनल में जगह बनाने के लिए प्रतिबद्ध थी। मैं निश्चित रूप से खिताब जीतने के लिए बेताब हूं।’’ रायबाकिना ने सेमीफाइनल में कोको गॉफ को 3-6, 6-4, 6-4 से हराकर महिला टेनिस की शीर्ष दो खिलाड़ियों के बीच मुकाबले का रास्ता साफ किया। सबालेंका ने पहले सेमीफाइनल में जेसिका पेगुला को 7-5, 6-2 से हराया। पहले सेट में दोनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला लेकिन सबालेंका को दूसरा सेट जीतने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। सबालेंका इस समय डब्ल्यूटीए रैंकिंग में नंबर एक जबकि रायबाकिना नंबर दो पर हैं। सबालेंका के शनिवार को होने वाले फाइनल में जीत हासिल करने पर भी सोमवार को यह स्थिति बदल जाएगी। सबालेंका लगातार 99 सप्ताह से शीर्ष पर बनी हुई हैं। रायबाकिना ने सत्र की शुरुआत ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर की, जिसके फाइनल में उन्होंने सबालेंका को हराया था। सबालेंका का इसके बाद प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था जिससे रायबाकिना को लगातार आगे बढ़ने का मौका मिलता रहा। सबालेंका ने कहा, ‘‘शीर्ष पर पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत लगती है। नंबर एक स्थान पर बने रहना मेरा लक्ष्य था लेकिन अब मैं कुछ खास नहीं कर सकती। सत्र के बीच में मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। एलेना में बहुत अच्छा खेल दिखाया और मुझसे नंबर एक स्थान छीन लिया।’’ दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला अधिक संघर्षपूर्ण रहा, जिसमें गॉफ ने अंतिम दो सेटों में पिछड़ने के बाद वापसी करने की कोशिश की, लेकिन रायबाकिना ने उनके प्रयासों पर पानी फेर दिया। गॉफ ने शानदार शुरुआत की और पहला सेट आसानी से जीत लिया। इसके बाद हालांकि रायबाकिना ने अच्छी वापसी की और अंतिम दो सेट जीतकर फाइनल में जगह बनाई। रायबाकिना ने कहा ‘‘मैंने गहरी सांस ली, खुद से सकारात्मक बातें करने की कोशिश की और खुद से कहा कि मुझे लड़ना होगा और अच्छा टेनिस खेलने की कोशिश करनी होगी।’’ गॉफ दूसरे सेट में 4-1 से पीछे चल रही थीं लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 4-4 कर दिया। रायबाकिना ने हालांकि अगले दो गेम जीतकर मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया। तीसरे सेट में रायबाकिना 5-3 से आगे थी और मैच के लिए सर्विस कर रही थी लेकिन गॉफ ने ब्रेक लेकर खुद को एक और मौका दिया लेकिन वह अपनी सर्विस नहीं बचा पाई। स्पोर्ट्स 04-05 बायर्न की जीत में हैरी केन ने गोल किया, मैनचेस्टर यूनाइटेड की वापसी पर बड़ी जीत मैनचेस्टर, 11 सितंबर (वेब वार्ता)। मैनचेस्टर यूनाइटेड ने चैंपियंस लीग फुटबॉल टूर्नामेंट में वापसी पर 4-0 से बड़ी जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की जबकि हैरी केन ने गोल करने का सिलसिला जारी रखते हुए बायर्न म्यूनिख की 5-0 से धमाकेदार जीत में अहम भूमिका निभाई। केन ने एक गोल और माइकल ओलिस ने दो गोल दागे, जिससे बायर्न ने बोडो/ग्लिम्ट को करारी शिकस्त दी। हाफ टाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई थी लेकिन नॉर्वे की टीम दूसरे हाफ में बुरी तरह लड़खड़ा गई। केन ने हेडर से बायर्न का दूसरा गोल किया। इंग्लैंड के इस स्ट्राइकर ने जनवरी से लेकर अब तक चैंपियंस लीग के लगातार आठ मैच में गोल किए हैं। बायर्न का पहला गोल जमाल मुसियाला ने किया, जो न्यूरोलॉजिकल समस्या के कारण मैदान पर दौरे पड़ने के बाद अपना पहला मैच खेल रहे थे। मैनचेस्टर युनाइटेड ने तीन साल के बाद चैंपियंस लीग में धमाकेदार वापसी की। यूनाइटेड की अजरबैजान के सबाह के खिलाफ 4-0 की शानदार जीत में मैथियस कुन्हा, ब्रूनो फर्नांडेस, बेंजामिन सेस्को और लिसैंड्रो मार्टिनेज ने गोल किए। इस बीच इटली के क्लब कोमो ने चैंपियंस लीग में अपने पहले ही मैच में लीपज़िग को 4-1 से हराकर साबित कर लिया कि वह यूरोप के शीर्ष क्लब फुटबॉल टूर्नामेंट में खेलने का हकदार है। महालया कार्यक्रम के लिए गांगुली ने राज्य सरकार के फैसले का समर्थन किया, रणजी मैच अब कल्याणी में कोलकाता, 11 सितंबर (वेब वार्ता)। बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा विशेष महालया कार्यक्रम के लिए ईडन गार्डन्स को अपने नियंत्रण में लेने के फैसले का संस्था पूरी तरह समर्थन करेगी जिसके चलते 2026-27 सत्र में बंगाल का दिल्ली के खिलाफ पहला रणजी ट्रॉफी मैच अब कल्याणी में खेला जाएगा। महालया के मौके पर 10 अक्टूबर को होने वाले विशेष कार्यक्रम के लिए ईडन गार्डन्स राज्य सरकार को सौंप दिया जाएगा। पहली बार यह ऐतिहासिक स्टेडियम 25 सितंबर से 15 अक्टूबर तक राज्य सरकार के नियंत्रण में रहेगा, ताकि दुर्गा पूजा उत्सव की शुरुआत से जुड़े इस विशेष कार्यक्रम की तैयारियां की जा सकें। ईडन गार्डन्स में मीडिया से बातचीत के दौरान गांगुली ने कहा, ‘‘राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हमें जो भी निर्देश देंगे, हम उसका पालन करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है।’’ बंगाल और दिल्ली के बीच रणजी ट्रॉफी का पहला मुकाबला 11 अक्टूबर से शुरू होना है। ईडन गार्डन्स उपलब्ध नहीं होने के कारण अब यह मैच कल्याणी में खेला जाएगा। राज्य क्रिकेट संघ ने इस बदलाव की जानकारी भारतीय क्रिकेट बोर्ड को पहले ही दे दी है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को घोषणा की थी कि महालया की सुबह ईडन गार्डन्स में दुर्गा पूजा उत्सव की शुरुआत के मौके पर चार घंटे का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। स्पोर्ट्स 06-07 शेफाली का अर्धशतक, बांग्लादेश को हराकर भारत फाइनल में दुबई, 11 सितंबर (वेब वार्ता)। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (64 रन) के अर्धशतक की बदौलत सात बार की चैंपियन भारतीय टीम ने बृहस्पतिवार को यहां पहले सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराकर रविवार को होने वाले महिला एशिया कप के फाइनल में प्रवेश किया। भारत अब श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से भिड़ेगा। शेफाली (सात चौके और तीन छक्के) ने अन्य भारतीय बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद चुनौतीपूर्ण पिच पर मिले जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए भारतीय टीम को छह विकेट पर 149 रन के स्कोर तक पहुंचाया। शेफाली को 40 गेंद की आक्रामक पारी के दौरान तीन बार जीवनदान मिला। बांग्लादेश की टीम के लिए इस लक्ष्य का पीछा करना मुश्किल ही लग रहा था और ऐसा ही हुआ। टीम 20 ओवर में सात विकेट पर 109 रन ही बना सकी। उसके लिए शोर्णा अख्तर नाबाद 22 रन बनाकर शीर्ष स्कोर रहीं। दिलारा अख्तर ने 21 और कप्तान निगार सुल्ताना ने 19 रन बनाए। स्पिन के मुफीद परिस्थितियों में भारत के लिए अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट चटकाए जबकि श्री चरणी और प्रेमा रावत को एक एक विकेट मिला। नंदनी शर्मा ने दो विकेट प्राप्त किए। हालांकि प्रतिका रावल ने पिछले मैच की तरह इसमें भी दो कैच छोड़ दिए। टूर्नामेंट में अब तक प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले बांग्लादेश के गेंदबाजी आक्रमण ने भारतीय बल्लेबाजों को पारी के अधिकांश हिस्से में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। बांग्लादेश ने कुल चार कैच छोड़े, वर्ना भारत के लिए 120 रन का आंकड़ा पार करना भी मुश्किल होता। आमतौर पर स्पिन गेंदबाजी को बखूबी खेलने वाली भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर (28 गेंद में नाबाद 24 रन) अपनी पारी के अधिकांश समय संघर्ष करती रहीं। उन्होंने अपनी पहली 16 गेंदों पर सिर्फ चार रन बनाए। शेफाली ने अकेले दम पर भारत को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। उन्हें छह ,11 और 56 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला। शीर्ष चार भारतीय बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 100 से कम रहा जबकि शेफाली ने 160 के शानदार स्ट्राइक रेट से रन बनाए। उनकी पारी में स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ तीन छक्के भी शामिल थे। इस आक्रामक सलामी बल्लेबाज ने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए। उनकी पारी में तेज गेंदबाज मारूफा अख्तर की गेंद पर फ्रंट-फुट पुल शॉट, रिवर्स स्वीप शॉट और स्पिनरों के खिलाफ सीधे मैदान के ऊपर से लगाए गए जोरदार शॉट शामिल थे। भारत ने पावरप्ले में एक विकेट पर 45 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन बीच के ओवरों में रन गति बढ़ाने में नाकाम रहा। भारत की तीसरे नंबर की नई बल्लेबाज प्रतिका रावल (24 गेंद में 20 रन) टूर्नामेंट में दबाव में रही हैं, लेकिन बृहस्पतिवार को उन्होंने शानदार शुरुआत की। उन्होंने अख्तर की गेंद पर बेहतरीन कवर ड्राइव लगाया। बाद में उन्होंने क्रीज से बाहर निकलकर छक्का लगाया, लेकिन इसी गेंदबाज की गेंद पर आउट हो गईं। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष (16 गेंद में 21 रन) भी शुरुआत में धीमी रहीं, लेकिन उन्होंने महत्वपूर्ण रन जोड़ने में सफलता हासिल की। कप्तान हरमनप्रीत ने पारी के अंत में दो छक्के लगाए। बांग्लादेश के लिए सुल्ताना खातून ने दो जबकि राबिया खान, नाहिदा अख्तर और मारूफा अख्तर ने एक एक विकेट झटके। अदालत का विनेश को सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति देने से इनकार नई दिल्ली, 11 सितंबर (वेब वार्ता)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पहलवान विनेश फोगाट को 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए होने वाले महिला चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने देर रात जारी अंतरिम आदेश में कहा कि इस स्तर पर अदालत 14 सितंबर को होने वाले चयन ट्रायल में फोगाट को हिस्सा लेने की अनुमति देने के लिए पात्रता मानदंड में अंतरिम छूट देने के पक्ष में नहीं है। अदालत ने कहा, ‘‘दोहराया जाता है कि सात सितंबर 2026 के सर्कुलर में निर्धारित मानदंड सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं। कोई खिलाड़ी जिसने किसी भी कारण से निर्धारित प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लिया है प्रतिवादी संख्या 1 (भारतीय कुश्ती महासंघ) द्वारा निर्धारित पात्रता श्रेणियों में नहीं आता। ’’ उच्च न्यायालय ने यह आदेश पहलवान फोगाट की उस याचिका को खारिज करते हुए दिया जिसमें उन्होंने मातृत्व अवकाश से लौटने के बाद 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के महिला चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने कहा कि गर्भावस्था, बच्चे के जन्म और प्रसव के बाद स्वास्थ्य लाभ से जुड़ी फोगाट की परिस्थितियों पर नीति की वैधता की जांच करते समय विचार करना जरूरी होगा। हालांकि, अंतरिम चरण में केवल इन परिस्थितियों के आधार पर उन्हें पात्रता मानदंड के विपरीत चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि ‘‘नीति की वैधता पर पहले फैसला किए बिना केवल याचिकाकर्ता को ऐसी अंतरिम राहत देना उन समान परिस्थितियों वाले खिलाड़ियों के साथ असमान व्यवहार का कारण बन सकता है जो इस अदालत के समक्ष नहीं हैं। ’’ अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने सर्कुलर की वैधता या लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की है और फिलहाल अंतरिम राहत देने के पक्ष में नहीं है। फोगाट ने लंबित मुख्य याचिका में दायर आवेदन के जरिए सात सितंबर को डब्ल्यूएफआई द्वारा जारी उस सर्कुलर पर रोक लगाने की भी मांग की थी जिसमें 14 सितंबर को यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाले चयन ट्रायल के लिए पात्रता मानदंड तय किए गए हैं। यह नया आवेदन उस मुख्य याचिका में दायर किया गया था, जिसमें फोगाट ने गर्भावस्था और मातृत्व अवकाश के बाद प्रतिस्पर्धी खेलों में लौटने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए निष्पक्ष और व्यवस्थित व्यवस्था बनाने की मांग की है। आवेदन में उन्होंने सर्कुलर पर रोक लगाने की मांग की थी क्योंकि इसके चलते वह 24 अक्टूबर से एक नवंबर तक कजाखस्तान के अस्ताना में होने वाली चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा नहीं ले पा रही हैं। खेल मंत्रालय ने आईओए को दी छूट, 16 सदस्यीय कार्यकारी परिषद जारी रखने की अनुमति दी नई दिल्ली, 11 सितंबर (वेब वार्ता)। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को विशेष छूट देते हुए खेल मंत्रालय ने उसे 16 सदस्यीय कार्यकारी परिषद जारी रखने की अनुमति दे दी है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने सिफारिश की थी कि परिषद के सदस्यों की संख्या में बदलाव नहीं किया जाए जबकि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम के तहत इसे 15 सदस्यों तक सीमित करने का प्रावधान है। एक राजपत्र अधिसूचना में मंत्रालय ने कहा कि उसने राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम की धारा 37(2) के तहत यह छूट देने का फैसला किया है। इस प्रावधान के तहत खेल संस्थाओं को अपने अंतरराष्ट्रीय महासंघों के नियमों के अनुरूप बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय कानूनों में आवश्यक छूट दी जा सकती है। फिलहाल आईओए की कार्यकारी परिषद में 16 सदस्य हैं जिनमें भारत में आईओसी के पदेन सदस्य भी शामिल हैं। उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त है। मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय खेल संस्थाओं को अपने कामकाज के संचालन में अंतरराष्ट्रीय चार्टर और नियमों का ‘मुख्य रूप से पालन’ करना होगा। मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया, ‘‘आईओए से मंत्रालय को एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें बताया गया है कि अधिनियम की आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित संविधान का मसौदा आईओसी को उसकी टिप्पणियों के लिए भेजा गया था। ’’ इसमें कहा गया, ‘‘आईओसी ने विशेष रूप से सिफारिश की है कि कार्यकारी परिषद के सदस्यों की संख्या को यथावत रखा जाए और इसे भारत में आईओसी सदस्यों की संख्या से स्वतंत्र रखा जाए। ’’ इसका मतलब यह होगा कि आईओसी सदस्य के अलावा कार्यकारी परिषद में 15 अन्य सदस्य होंगे। आईओए ने ओलंपिक चार्टर और आईओसी के नियमों का पालन करने के लिए छूट मांगी थी, साथ ही अधिनियम के शासन संबंधी सिद्धांतों और अन्य आवश्यकताओं का पालन जारी रखने की बात कही थी। आईओए के इस साल के अंत में चुनाव होने हैं।
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