छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए, सिस्टम में अंधभक्त नहीं निडर युवा चाहिए : राहुल

नई दिल्ली, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि सवाल पूछने का हक हर किसी को है और छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए, लेकिन सरकार छात्रों की आवाज नहीं सुन रही है और शिक्षा के अधिकार को कमजोर कर रही है।
श्री गांधी ने शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में अपने महत्वपूर्ण अभियान ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश में अच्छी शिक्षा के लिए सिस्टम होना चाहिए लेकिन सरकार सिस्टम के खिलाफ काम कर रही है और वह शिक्षा की विरोधी है।
श्री गांधी से बात करते हुए मंच पर एक छात्रा ने आरक्षण का लाभ नहीं मिलने की बात उठाई। उनका कहना था कि गरीब तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों को शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, पैलेट गन और लाठियां चलाई जाती हैं तथा उन्हें प्रताड़ित किया जाता है।
श्री गांधी ने कहा कि सरकार को सबसे ज्यादा खतरा छात्रों से है, क्योंकि छात्र सवाल पूछते हैं। उन्होंने कहा कि सिस्टम को अंधभक्त बना दिया गया है, जबकि छात्र अंधभक्त नहीं होते और निडर होकर सवाल पूछते हैं। उन्होंने कहा कि अंधभक्त डरता है, झूठ बोलता है और सवाल नहीं पूछने देता, जबकि छात्र सवाल पूछते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इसी सिस्टम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी हैं तथा अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपति पैसा देकर इस सरकार की पूरी व्यवस्था को अपने हित में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और मीडिया में भी आरएसएस के लोग बैठ गये हैं और व्यवस्था को अपने हित के अनुकूल चलाने का काम कर रहे हैं।
श्री गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर सीधा हमला करते हुए कहा कि वह देश के गृहमंत्री हैं, लेकिन अपनी सत्ता का उपयोग अपने पूरे परिवार को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में कपिल देव और सचिन तेंदुलकर जैसे बड़े खिलाड़ी हुए हैं लेकिन श्री शाह के पुत्र को क्रिकेट का ठेका दिया गया और यह उनके रुतबे की बदौलत उनके परिवार को मिल रहे लाभ का उदाहरण है।
श्री गांधी ने कहा कि शिक्षा देश के हर छात्र का हक है और विश्वविद्यालय से रोजगार तक की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि नवोदय विद्यालयों को भी कमजोर किया जा रहा है। शिक्षा का बजट 2014 में 4.6 प्रतिशत था, जो अब घटकर 2.6 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दस साल में यह पैसा अडानी और अंबानी को गया है तथा सिस्टम ने शिक्षा को बर्बाद कर दिया है।
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत इंदौर में आयोजित श्री गांधी का यह पांचवां कार्यक्रम था। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम आयोजित किये गये थे। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कार्य समिति की बैठक के बाद पिछली बार कहा था कि देशभर में 800 जगह ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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