पर्यटकों को एक ही जगह मिलेगी स्थानीय संस्कृति की झलक, छह शहरों में बनेंगे परंपरा केंद्र
वाराणसी, 25 सितंबर। पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों को स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं से रूबरू कराने की पहल की जा रही है। पर्यटन विभाग की ओर से वाराणसी, लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, प्रयागराज और बरेली में ‘परंपरा केंद्र’ विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर पर्यटकों को संबंधित क्षेत्र की लोक कला, खान-पान, हस्तशिल्प और लोक कथाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी।
परंपरा केंद्रों में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने के साथ कलाकारों को भी अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। यहां स्थानीय व्यंजन, पारंपरिक कला एवं शिल्प की जानकारी के साथ कारीगरों के काम को भी पर्यटकों के सामने रखा जाएगा। इससे स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्पियों को अपनी कला के प्रदर्शन और रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन विभाग की इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उन्हें पर्यटन से जोड़ना है। केंद्रों के माध्यम से पर्यटकों को केवल धार्मिक या ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण ही नहीं, बल्कि स्थानीय जीवनशैली और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर भी मिलेगा।
वाराणसी में काशी की लोक परंपरा, खान-पान, हस्तशिल्प और लोक कलाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा सकता है। इसी तरह अन्य शहरों में वहां की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को केंद्र में रखा जाएगा। पर्यटन विभाग की योजना के तहत इन केंद्रों को पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनाने की तैयारी है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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