विपक्ष ने जी राम जी विधेयक संसदीय समिति के पास भेजने की मांग उठाई, बिरला ने अस्वीकार की..

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मनरेगा की जगह सरकार द्वारा लाए गए ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ को विचार-विमर्श के लिए संसदीय समिति को भेजने की विपक्ष की मांग को बृहस्पतिवार को अस्वीकार कर दिया।
विधेयक पर बुधवार देर रात तक चर्चा के बाद बृहस्पतिवार को जब अध्यक्ष बिरला ने चर्चा का जवाब देने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम लिया तो कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने विधेयक को संसद की स्थायी समिति या संयुक्त समिति (जेपीसी) को भेजने की मांग उठाई। उन्होंने कहा, ‘‘पूरे सदन की भावना यही है। सरकार इसे संसदीय समिति को भेजे। हम सहयोग को तैयार हैं।’’
बिरला ने इस पर कहा, ‘‘इस विधेयक को लेकर 99 सदस्यों ने विचार रखे। देर रात तक इस पर चर्चा हुई। सभी दलों के सदस्यों का विचार आया। मैंने विपक्ष के कहने से चर्चा का समय बढ़ा दिया।’’ उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि इस तरह विरोध करना उचित परंपरा नहीं है।
इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देना शुरू किया और कहा कि विपक्ष का इस तरह विरोध करना महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत को तार-तार करना है। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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