आज के दौर में भी टेलीविज़न प्रभावशाली और सशक्त माध्यम है : अपरा मेहता

जानी मानी चरित्र अभिनेत्री अपरा मेहता का कहना है कि आज के दौर में भी टेलीविज़न प्रभावशाली और सशक्त माध्यम बना हुआ है। अपरा मेहता इन दिनों सन नियो के शो ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में काम कर रही है। वह इस शो में राजश्री की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भी टेलीविज़न प्रभावशाली और सशक्त माध्यम बना हुआ है।
अपरा मेहता ने कहा, “मैंने खुद टेलीविज़न को इन सालों में बदलते हुए देखा है और मुझे गर्व है कि मैं इस सफर का हिस्सा रही हूँ। जो भी शो अच्छा और सकारात्मक संदेश देता है, वह हमेशा दर्शकों को अपनी कहानी से जोड़ता है। टीवी पहले जैसा जरूर नहीं रहा, लेकिन यह खत्म होने वाला नहीं है। टीवी की पहुँच बहुत व्यापक है और इसके दर्शक आज भी बड़ी संख्या में हैं। यही वजह है कि टीवी आज भी बदलाव लाने और सही संदेश लोगों तक पहुँचाने का एक मजबूत माध्यम बना हुआ है।”
अपरा मेहता ने कहा, “मैं अपने ड्रामा के लिए दुनिया भर की सैर करती हूँ और मैंने देखा है कि विदेशों में रहने वाले लोग भारतीय टीवी से आज भी कितनी गहराई से जुड़े हैं। हो सकता है कि वे फिल्में नियमित रूप से न देखते हों, लेकिन टीवी जरूर देखते हैं। इसलिए हमारे लिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि हम आज की सच्चाई को अपनी कहानी के जरिए दिखाएँ, न कि पुरानी सोच को। जैसा कि सन नियो के मेरे मौजूदा शो ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ में मेरा किरदार मानता है कि लड़कियों को पढ़ने की जरूरत नहीं है। लेकिन, कहानी और मुख्य किरदारों के जरिए शो यह मजबूत संदेश देता है कि लड़कियों की शिक्षा बहुत जरूरी है। आज भी कई जगहों पर लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाता, ऐसे में यह संदेश लोगों तक पहुँचाना बहुत जरूरी है।”
‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ शो राजस्थान की एक गाँव की लड़की घेवर की कहानी है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है, जब उसके परिवार में एक नवजात बच्चा आता है, जो दो अलग-अलग जिंदगियों को एक साथ जोड़ता है। प्यार, त्याग और छिपे हुए सच के बीच घेवर अपने हौसले और हिम्मत से अपनी सबसे कीमती चीज की रक्षा करती है। ‘प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी’ शो हर रोज रात नौ बजे, सिर्फ सन नियो पर प्रसारित होता है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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