याह्या सिनवार के बाद हमास को मिलेगा नया चीफ, चुनाव जल्द; खालिद मशाल सबसे बड़े दावेदार

गाजा जंग के दौरान अपने कई शीर्ष नेताओं को खोने के बाद हमास अब संगठन को फिर से मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है। हमास नेतृत्व में बदलाव के लिए आंतरिक चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है। संगठन से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने मीडिया सूत्रों को बताया कि चुनाव की तैयारियां जारी हैं और जमीनी हालात अनुकूल होते ही इन्हें कराया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक, चुनाव कुछ ही दिनों में होने की संभावना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमास चीफ बनने की दौड़ में इस समय खालिद मशाल सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। खालिद मशाल पहले भी हमास के प्रमुख रह चुके हैं और संगठन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे पहचाने जाने वाले नेताओं में से एक हैं। इजराइल ने एक बार उन्हें मारने के लिए जहर देने की कोशिश की थी, लेकिन इस घटना से जॉर्डन के साथ उसके रिश्ते बिगड़ गए थे। अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते इजराइल को मशाल की जान बचाने के लिए एंटीडोट उपलब्ध कराना पड़ा था।
हमास के शीर्ष नेतृत्व में बीते 15 महीनों से स्थायी प्रमुख की नियुक्ति नहीं हो सकी है। अक्टूबर 2023 में इजराइल-हमास जंग शुरू होने के बाद संगठन के दो प्रमुख नेता मारे जा चुके हैं। जुलाई 2024 में इजराइल ने तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या कर दी थी। इसके बाद अगस्त 2024 में याह्या सिनवार को नया चीफ बनाया गया, लेकिन महज दो महीने बाद अक्टूबर में राफा शहर में हुई गोलीबारी के दौरान सिनवार भी मारे गए।
सिनवार की मौत के बाद हमास ने किसी नए चीफ की नियुक्ति नहीं की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध जैसी परिस्थितियों में चुनाव कराना मुश्किल था और यह भी आशंका थी कि यदि किसी नए नेता को सार्वजनिक रूप से चीफ बनाया गया तो इजराइल उसे तुरंत निशाना बना सकता है। इसी वजह से हमास ने कतर में स्थित पांच सदस्यीय अंतरिम लीडरशिप कमेटी का गठन किया। इस व्यवस्था का मकसद जिम्मेदारियों को बांटना और किसी एक व्यक्ति पर पूरा खतरा न आने देना था। बीते 15 महीनों से यही कमेटी संगठन से जुड़े अहम फैसले ले रही है। हालांकि हमास ने आधिकारिक तौर पर इस कमेटी के सभी नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन अलग-अलग रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार इसमें खालिद मशाल, मूसा अबू मरजूक, अलील अल-हय्या, जहीर जबरीन और निजार अवादल्लाह शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले चुनाव हमास की रणनीति और इजराइल के साथ उसके भविष्य के टकराव की दिशा तय कर सकते हैं। ऐसे में खालिद मशाल का संभावित नेतृत्व संगठन के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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