मार्च में ‘भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026’ का होगा आयोजन, स्वच्छ ऊर्जा और मजबूत बिजली व्यवस्था पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली, 17 जनवरी । सरकार के अनुसार भारत अब ऊर्जा की भरपूर उपलब्धता के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। अब देश में बिजली की कमी नहीं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को सही तरीके से संभालने, मजबूत व्यवस्था बनाने और सभी को अच्छी सर्विस देने की बात हो रही है।
इसी दिशा में ‘भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। यह विद्युत और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी होगा, जो 19 से 22 मार्च तक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित किया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के अनुसार यह सम्मेलन सिर्फ अब तक की उपलब्धियों को दिखाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह आने वाले समय में मिलकर क्या किया जा सकता है, उसका रास्ता भी तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में तकनीक बनाने वाली कंपनियां, बुनियादी ढांचा विकसित करने वाले संगठन, नए विचार लाने वाले लोग और फैसले लेने वाले अधिकारी एक ही मंच पर आएंगे।
मंत्री ने बताया कि यह सम्मेलन ऐसा मंच होगा, जहां भारत की स्थानीय क्षमताएं और दुनिया की वैश्विक सोच मिलकर एक टिकाऊ और मजबूत बिजली भविष्य तैयार करेंगी।
चार दिन चलने वाले इस सम्मेलन का विषय है – ‘विकास को विद्युतीकृत करना, टिकाऊ भविष्य को मजबूत बनाना और दुनिया से जुड़ना’।
इस सम्मेलन में भारत की स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़त को दुनिया के सामने रखा जाएगा और साथ ही बिजली क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों और अवसरों पर भी चर्चा की जाएगी।
विद्युत मंत्रालय के अनुसार, इस सम्मेलन में भारत और अन्य देशों से सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और समाज से जुड़े लोग शामिल होंगे, जहां बिजली और टिकाऊ ऊर्जा के भविष्य पर चर्चा होगी और देशों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में 50 से ज्यादा उच्च स्तर की बैठकें, विशेषज्ञों द्वारा पैनल चर्चाएं, अलग-अलग विषयों पर बने पवेलियन और नई तकनीकों की प्रदर्शनी होगी, जो विद्युत और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े हर क्षेत्र को दिखाएगी।
मंत्रालय ने बताया कि इस आयोजन में भारत और दुनिया भर से 500 से ज्यादा प्रदर्शक, 25,000 से अधिक आगंतुक, 1,000 से ज्यादा प्रतिनिधि और 300 वक्ता शामिल होंगे।
इस सम्मेलन की एक खास बात ‘खरीदार-विक्रेता बैठक’ होगी, जिससे नई साझेदारियां बनेंगी और वैश्विक बिजली क्षेत्र में नए व्यापार के मौके पैदा होंगे।
सरकारी बयान के अनुसार, यह सम्मेलन देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, निवेश को आकर्षित करने और स्वच्छ बिजली को तेजी से अपनाने में मदद करेगा।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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