सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ केआरएम आयुर्वेद का आईपीओ, 29 जनवरी को हो सकती है लिस्टिंग

आयुर्वेदिक दवा का उत्पादन करने और देश के अलग अलग हिस्से में आयुर्वेदिक हॉस्पिटल का संचालन करने वाली कंपनी केआरएम आयुर्वेद 77.49 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 23 जनवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 27 जनवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 28 जनवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 29 जनवरी को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 128 रुपये से लेकर 135 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,000 शेयर का है। केआरएम आयुर्वेद के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी दो हजार शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,70,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 57.40 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।
आईपीओ खुलने से एक कारोबारी दिन पहले 20 जनवरी को केआरएम आयुर्वेद ने 5 एंकर इनवेस्टर्स से 20.82 करोड़ रुपये जुटाए। इन एंकर इनवेस्टर्स में पाइन ओक ग्लोबल फंड सबसे बड़ा इनवेस्टर रहा। इसने कंपनी से 7.98 लाख शेयर खरीदे। इसके अलावा, एमजीओ हाई कनविक्शन फंड, विकासा इंडिया ईआईएफ फंड, कॉग्निजेंट कैपिटल डायनेमिक अपॉर्च्युनिटी फंड और सेगवन इंडिया अपॉर्च्युनिटी ट्रस्ट ने कंपनी से अलग अलग 1.86 लाख शेयर खरीदे।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 44.44 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसमें एंकर इनवेस्टर्स को दिए गए 26.86 प्रतिशत शेयर शामिल हैं। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 31.57 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 13.59 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए नेक्सजेन फाइनेंशियल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि स्काईलाइन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 7.60 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 3.41 करोड़ रुपये रह गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी मुनाफे में दोबार तेजी आ गई। इस साल कंपनी को 12.10 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 8.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 89.38 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 67.57 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 76.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 48.65 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 19.87 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 23.18 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 31.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 25.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 8.22 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 11.63 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 23.73 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 तक ये 20.61 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 11.03 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में घट कर 7.34 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 19.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 तक ये 12.83 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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